दिल्ली में काम करने वाले लाखों निर्माण मजदूरों के लिए बड़ी राहत की खबर है. दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली भवन निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य योजना’ को मंजूरी दे दी है. इसके तहत अब पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के सदस्यों को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. यानी इलाज के लिए अस्पताल में जेब से पैसे खर्च नहीं करने होंगे. यह योजना उन मजदूरों के लिए खास तौर पर फायदेमंद होगी, जो रोजाना जोखिम भरे माहौल में काम करते हैं. सरकार का कहना है कि इस कदम से मजदूरों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी.
1 July Rule Change: 1 जुलाई से बदल जाएंगे कई बड़े नियम! रेलवे, आधार समेत इन बदलावों का आप पर पड़ेगा सीधा असर
किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस योजना का फायदा दिल्ली के 2.7 लाख से ज्यादा पंजीकृत निर्माण मजदूरों को मिलेगा. इसके साथ ही उनके परिवार के सदस्य भी योजना के दायरे में आएंगे. इसमें मजदूर की पत्नी या पति, बच्चे और माता-पिता शामिल हैं.
कितने रुपये तक मुफ्त होगा इलाज?
योजना के तहत हर पंजीकृत निर्माण मजदूर को 2 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा. वहीं, अगर पूरे परिवार की बात करें तो एक परिवार को साल में अधिकतम 10 लाख रुपये तक का इलाज कवर मिलेगा. सबसे खास बात यह है कि इलाज पूरी तरह कैशलेस होगा. यानी अस्पताल में भर्ती होने या इलाज कराने के दौरान लाभार्थियों को अपनी जेब से पैसे नहीं देने पड़ेंगे.
योजना में कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?
- सरकार ने इस योजना में कई स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल की हैं. मजदूरों और उनके परिवार को ओपीडी और आईपीडी दोनों तरह की सेवाएं मिलेंगी.
- इसके अलावा जांच, लैब टेस्ट, इमरजेंसी ट्रीटमेंट और जरूरत पड़ने पर रेफरल सुविधा भी दी जाएगी.
- योजना के तहत मजदूरों और उनके जीवनसाथी का हर साल मुफ्त हेल्थ चेकअप भी कराया जाएगा. इससे बीमारियों का जल्दी पता चल सकेगा और समय पर इलाज मिल सकेगा.
पुणे का ‘राजा रघुवंशी’ जैसा केस – 17 करोड़ का पैलेस, प्राइवेट प्लेन और मौत की साजिश! मंगेतर ने प्रेमी संग मिलकर दूल्हे को खाई में धकेला
मजदूरों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा
सरकार निर्माण स्थलों और मजदूरों की ज्यादा आबादी वाले इलाकों में मोबाइल मेडिकल यूनिट भी तैनात करेगी. ये यूनिट मजदूरों के पास जाकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगी. इसके अलावा सभी लाभार्थियों के डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड बनाए जाएंगे. इससे उनके इलाज का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और योजना की निगरानी भी आसान होगी.
ऐसे में दिल्ली सरकार की यह योजना मजदूरों और उनके परिवारों को बेहतर इलाज, आर्थिक सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.