संघ ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो 25 जून को प्रदेशभर के सभी अशासकीय विद्यालयों में अध्यापन कार्य बंद रखा जाएगा। इस दिन जिला मुख्यालयों में कलेक्टर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह कदम विद्यार्थियों के हित में उठाया जा रहा है, क्योंकि समय पर पुस्तकें नहीं मिलने से पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
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आश्वासन के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
संघ के अनुसार पिछले वर्ष पाठ्य पुस्तक निगम ने पुरानी वितरण व्यवस्था को बदलकर छह डिपो के माध्यम से पुस्तकों का वितरण शुरू किया था। लेकिन यह व्यवस्था सफल नहीं रही और अधिकांश विद्यालयों को आधी-अधूरी पुस्तकें ही मिल सकीं। इसके अलावा पुस्तकों में बारकोड स्कैनिंग प्रणाली लागू किए जाने के कारण भी नई समस्याएं पैदा हुईं। कई मामलों में विद्यालयों को पुस्तकें प्राप्त होने के बाद भी उन्हें विद्यार्थियों तक पहुंचाने में कई दिनों की देरी हुई।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि इस विषय को लेकर पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष और अधिकारियों के साथ कई दौर की चर्चा हुई थी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से व्यवस्था में सुधार किया जाएगा और अशासकीय विद्यालयों को भी संकुल स्तर पर पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बावजूद वर्तमान सत्र में भी हालात नहीं बदले हैं।