परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पोर्टल शुरू होने के बाद पात्र लाभार्थी अपने आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि आवेदन मंजूर होने के बाद सब्सिडी और अन्य स्वीकृत राशि लाभार्थियों के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। इसके अलावा, पोर्टल पर इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं के लिए कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें रियल-टाइम चार्जिंग पॉइंट की जानकारी, अधिकृत स्क्रैपिंग वेंडर्स की सूची, वाहन डीलरशिप की डिटेल और नई EV नीति से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी।
DBT से अकाउंट में आएगी सब्सिडी
परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इंसेंटिव का लाभ लेने वाले खरीदारों को अधिकृत डीलर से जारी वाहन खरीद सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर जमा करने होंगे। अधिकारी ने बताया कि आवेदन की जांच पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों को मिलने वाली इंसेंटिव राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। वहीं, पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को स्क्रैप कराने वाले वाहन मालिकों को स्क्रैपिंग इंसेंटिव के लिए अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटर से जारी सर्टिफिकेट और नई इलेक्ट्रिक गाड़ी की खरीद से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होंगे। परिवहन विभाग के अधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन पोर्टल को इस तरह तैयार किया जा रहा है, जिससे आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और तेज हो सके। इसके जरिए लाभार्थियों को योजना का लाभ लेने में आसानी होगी।
इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट
नई EV पॉलिसी 2026 के तहत कुछ इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को इंसेंटिव के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रिक कारों और उन अन्य वाहनों के खरीदार, जो इंसेंटिव स्कीम के दायरे में नहीं आते हैं, उन्हें वाहन रजिस्ट्रेशन के समय ही रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में स्वतः छूट मिल जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, पॉलिसी के तहत 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी छूट जारी रहेगी। इससे इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों की शुरुआती लागत कम होगी और लोग ईवी अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
EV गाड़ियों की खरीद पर कितना इंसेंटिव?
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले पात्र ग्राहकों को वाहन की कैटेगरी और पॉलिसी के वर्ष के आधार पर आर्थिक सहायता दी जाएगी। पॉलिसी के अनुसार, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने पर पहले साल में अधिकतम 30,000 रुपये, दूसरे साल में 20,000 रुपये और तीसरे साल में 10,000 रुपये तक का इंसेंटिव मिलेगा। वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खरीदारों को पहले साल में 50,000 रुपये तक, दूसरे साल में 30,000 रुपये तक और तीसरे साल में 20,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा, N1 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने वालों को पॉलिसी के पहले साल में अधिकतम 1 लाख रुपये तक का इंसेंटिव मिलेगा।
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स्क्रैपिंग पर इंसेंटिव कितना मिलेगा?
दिल्ली सरकार की नई EV पॉलिसी 2026 में इलेक्ट्रिक वाहन खरीद को बढ़ावा देने के साथ-साथ पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव का भी प्रावधान किया गया है। पॉलिसी के तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले पात्र वाहन मालिकों को अलग-अलग श्रेणियों में प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसमें इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए: 10,000 रुपये तक इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए: 25,000 रुपये तक इलेक्ट्रिक कार के लिए: 1 लाख रुपये तक N1 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक ट्रक के लिए 50,000 रुपये तक ग्रामीण सेवा वाहनों के लिए: 15,000 रुपये तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा।