इस जनसुनवाई में समाज के हर तबके की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार, क्षेत्र के सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, नगर निगम महापौर और नगर पालिका अध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है। इनके अलावा विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि, जाने-माने शिक्षाविद, कानून के जानकार (विधिवेत्ता), सामाजिक संगठनों (NGOs) के कार्यकर्ता, चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और एससी, एसटी, अल्पसंख्यक व महिला आयोग के सदस्य भी कमेटी के सामने अपने विचार रख सकेंगे।
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ऑनलाइन भी दर्ज करा सकते हैं राय
प्रशासन ने उन लोगों के लिए भी खास इंतजाम किया है जो किसी कारणवश व्यक्तिगत रूप से जनसुनवाई में शामिल नहीं हो सकते। अलवर जिला कलेक्टर ने बताया कि कोई भी नागरिक घर बैठे समान नागरिक संहिता को लेकर सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://ucc.rajasthan.gov.in पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से अपना कीमती सुझाव या फीडबैक दर्ज करा सकता है। इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य कानून को लेकर समाज के हर वर्ग की सोच, उनकी शंकाओं और उम्मीदों को समझना है, ताकि राज्य में एक सर्वसमावेशी व्यवस्था लागू की जा सके। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनसुनवाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।