रायपुर (न्यूज घंटी): देश में एथेनॉल मिश्रित (E20) पेट्रोल के इस्तेमाल और गाड़ियों में आ रही तकनीकी खराबी को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पहली बार सीधे उपभोक्ता के हक में फैसला सुनाते हुए कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर को कड़ा झटका दिया है।
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⚖️ क्या है पूरा मामला और कोर्ट का आदेश?
एक ग्राहक ने E20 ईंधन के इस्तेमाल के बाद कार में आई गंभीर तकनीकी खराबी को लेकर उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने माना कि इसके लिए कंपनी और डीलर जिम्मेदार हैं।
आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए कंपनी को 45 दिनों के भीतर निम्नलिखित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:
नई कार या पूरा रिफंड: ग्राहक को उसी मॉडल की नई E20 अनुकूल (Compatible) कार दी जाए, या फिर वाहन की पूरी कीमत ₹20.5 लाख वापस लौटाई जाए।
हर्जाना व ब्याज: मानसिक प्रताड़ना, मुकदमे का खर्च और इस राशि पर तय ब्याज भी उपभोक्ता को भुगतान करना होगा।
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💡 यह फैसला क्यों है बेहद महत्वपूर्ण?
देश का पहला ऐसा मामला: भारत सरकार तेजी से E20 (20% एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में ईंधन के कारण इंजन या तकनीकी खराबी आने पर वाहन निर्माता कंपनी पर इस तरह की गाज गिरने का यह देश का पहला बड़ा मामला है। यह फैसला भविष्य में लाखों वाहन मालिकों के लिए एक नजीर (Precedent) बनेगा।