दिल्ली की महिला यात्रियों के लिए अहम खबर है। राजधानी में 1 अगस्त 2026 से DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जिनके पास पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड (Pink Saheli Smart Card होगा। दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 अगस्त से पिंक टिकट जारी करने की व्यवस्था बंद कर दी जाएगी। डीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अब तक करीब 17 लाख महिलाएं अपना पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवा चुकी हैं। जिन महिलाओं ने अभी तक कार्ड नहीं बनवाया है, उन्हें जल्द से जल्द पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है, अन्यथा उन्हें बसों में यात्रा के लिए किराया देकर टिकट लेना होगा।
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पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए महिला के पास दिल्ली के पते पर बना आधार कार्ड होना अनिवार्य है। यही कारण है कि दिल्ली में नौकरी, पढ़ाई, व्यवसाय या अन्य कारणों से रह रही बाहरी राज्यों की महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। ऐसी महिलाएं, भले ही लंबे समय से दिल्ली में रह रही हों, लेकिन यदि उनके पास दिल्ली पते वाला आधार कार्ड नहीं है तो वे पिंक सहेली कार्ड के लिए पात्र नहीं होंगी। उन्हें बसों में सामान्य यात्रियों की तरह टिकट लेकर यात्रा करनी होगी।
आगे भी बनते रहेंगे पिंक सहेली कार्ड
दिल्ली सरकार और डीटीसी ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं ने अभी तक पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड नहीं बनवाया है, वे भविष्य में भी इसके लिए आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए राजधानी में 78 निर्धारित केंद्र बनाए गए हैं। यह सुविधा सभी पास सेक्शन, डीटीसी के प्रमुख डिपो और मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों के अनुसार, कार्ड बनाने की प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकें। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 17 लाख से अधिक महिलाएं पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनवा चुकी हैं। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ेगी।
बस में ऐसे मिलेगा फ्री टिकट
नई व्यवस्था के तहत महिला यात्री को बस में चढ़ने के बाद कंडक्टर को अपने अंतिम गंतव्य (डेस्टिनेशन) की जानकारी देनी होगी। इसके बाद कंडक्टर इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ETM) में यात्रा का विवरण दर्ज करेगा और महिला का पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड मशीन पर टैप करेगा। कार्ड टैप होते ही महिला के नाम से मुफ्त टिकट जारी हो जाएगा। साथ ही यात्रा का पूरा रिकॉर्ड तत्काल सर्वर पर दर्ज हो जाएगा। इस प्रक्रिया से यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और योजना के लाभार्थियों का सटीक डेटा उपलब्ध रहेगा।
क्यों लागू की गई नई व्यवस्था?
डीटीसी अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट कार्ड आधारित प्रणाली लागू होने से एक ही कार्ड के दुरुपयोग, फर्जी टिकटों और रिकॉर्ड में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगेगी। इसके अलावा सरकार को वास्तविक लाभार्थियों का सटीक डिजिटल डेटा मिलेगा, जिससे योजना की निगरानी और संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
क्या बोले परिवहन मंत्री पंकज सिंह?
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने हाल ही में कहा था कि सरकार इस बात के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक पात्र महिला को डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती रहे। उन्होंने कहा, “किसी को भी घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। पिंक टिकट 31 जुलाई तक मान्य रहेंगे और 1 अगस्त से पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड रखने वाली महिलाएं पहले की तरह मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।” उन महिलाओं से जल्द से जल्द पिंक कार्ड बनवाने की अपील की, जिन्होंने अभी तक इसके लिए आवेदन नहीं किया है।
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क्यों किया गया यह बदलाव?
दिल्ली सरकार का कहना है कि स्मार्ट कार्ड आधारित व्यवस्था से मुफ्त बस यात्रा योजना अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनेगी। इससे वास्तविक लाभार्थियों की पहचान आसान होगी और योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी।