इस हाई-स्पीड टेस्ट ट्रैक की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसकी तकनीकी क्षमता है। ट्रायल के दौरान ट्रेन के गुजरते ही सिस्टम पल-पल की जानकारी जुटाएगा। ट्रैक पर बिछाए गए उन्नत सेंसर्स, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और डेटा रिकॉर्डिंग सिस्टम हर सेकंड लाखों आंकड़े जुटाएंगे।
एआई और एडवांस एनालिटिक्स इन आंकड़ों का तुरंत विश्लेषण करेंगे। ट्रेन की स्थिरता, व्हील-रेल इंटरैक्शन, ब्रेकिंग क्षमता, एयरो-डायनामिक्स, पेंटोग्राफ परफॉर्मेंस, वाइब्रेशन, शोर और पुलों पर पड़ने वाले दबाव का सटीक आकलन किया जाएगा।
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एक ही ट्रैक पर होंगे दर्जनों परीक्षण
इस 64 किलोमीटर लंबे परीक्षण नेटवर्क को विभिन्न प्रकार की टेस्टिंग आवश्यकताओं के आधार पर डिजाइन किया गया है।
मुख्य लाइन: 23 किलोमीटर की मेन टेस्टिंग लाइन।
हाई-स्पीड लूप: 13 किलोमीटर का हाई-स्पीड लूप।
कर्व टेस्टिंग लूप: मोड़ पर ट्रेन की स्थिरता जांचने के लिए 20 किलोमीटर का कर्व लूप।
एक्सीलेरेटेड टेस्टिंग लूप: त्वरित गति परीक्षण के लिए 3 किलोमीटर का विशेष लूप।
पुल और स्टेशन: इस पूरी परियोजना में 7 बड़े पुल, 129 छोटे पुल और 4 नए स्टेशन शामिल किए गए हैं।
तकनीकी परीक्षण: यहां ट्रेन डायनेमिक्स, व्हील ऑफलोडिंग, ट्रैक्शन, बोगी रोटेशन, सिग्नलिंग सिस्टम और एक्सीडेंट प्रिवेंशन क्षमता जैसे दर्जनों परीक्षण किए जाएंगे।