अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान को नया और सख्त अल्टीमेटम जारी किया है। ट्रप ने दावा किया कि ईरानी नेता निजी और गुप्त रूप से बातचीत करने के इच्छुक दिखते हैं, लेकिन खुले तौरा पर बातचीत करने को तैयार नहीं हैं। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान बहुत ज्यादा दोहरा चरित्र वाला रवैया अपना रहा है। वहीं, ईरान अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से सख्ती से इनकार कर रहा है और कहा है, हम ट्रंप से किसी तरह की बात नहीं करेंगे। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान के साथ युद्ध को लेकर अमेरिका में ही बड़े आरोप लगे हैं। तो क्या ऐसे में ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ा युद्ध यू-टर्न ले सकता है?
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ईरान ने ओमान के लिए बढ़ाया दोस्ती का हाथ
ईरान ने कहा, होर्मुज़ (Strait of Hormuz) को लेकर ओमान के साथ बातचीत में प्रगति हो रही है, साथ ही, कतर और पाकिस्तान सहित क्षेत्रीय मध्यस्थ पर्दे के पीछे सक्रिय हैं, जो यह संकेत देता है कि सैन्य तनाव के बावजूद राजनयिक रास्ते अभी भी खुले हैं।
सोमवार को, ईरान के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि ओमान के साथ बातचीत जहाजों के लिए एक अस्थायी रास्ता बनाने पर केंद्रित है, जिसमें जलमार्ग में ईरानी और ओमानी दोनों रास्तों को मिला दिया जाएगा, जब तक कि इस पर कोई स्थायी समझौता नहीं हो जाता। जलमार्ग से एक ही, भले ही अस्थायी, रास्ता बनाना ईरान और अमेरिका के बीच विश्वास बनाने की दिशा में पहला कदम हो सकता है। लेकिन ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस समय होर्मुज़ को लेकर अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है।
ईरान ने ट्रंप को फिर दी चेतावनी
ईरान ने ट्रंप को चेतावनी दी है और कहा है, हमारी सैन्य प्रतिरोधक क्षमता बरकरार है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने घोषणा की है कि वह किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए तैयार है, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि अमेरिकी सेना होर्मुज़ में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के मिलिट्री एडवाइज़र मोहसेन रेज़ाई ने ईरानी बंदरगाहों पर जारी नौसैनिक नाकेबंदी को लेकर अमेरिका को चेतावनी दी है। रेज़ाई ने X पर लिखा, “अगर नाकेबंदी जारी रही, तो अमेरिकी जहाजों और सेना को गंभीर खतरों और नुकसान का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका को अपना व्यवहार बदलना होगा – वरना हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम होर्मुज में दूसरा कॉरिडोर खोलने की इजाज़त कभी नहीं देंगे।”
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ट्रंप पर अमेरिका में लगे बड़े आरोप
अमेरिकी सीनेट में माइनॉरिटी लीडर चक शूमर ने ईरान के साथ युद्ध को लेकर ट्रंप की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्रंप तेल उद्योग से जुड़े अपने कैंपेन डोनर्स को फायदा पहुंचा रहे हैं, जबकि आम नागरिकों को ऊर्जा की बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। शूमर ने X पर लिखा, “ईरान में ट्रंप का गैर-कानूनी युद्ध उनके ‘बिग ऑयल’ (बड़ी तेल कंपनियों) वाले दोस्तों के लिए एक तोहफा है, जिन्होंने मुनाफा कमाने के वादे के साथ उनके कैंपेन को फंड किया था। पता चला कि यह वही वादा है जिसे उन्होंने असल में पूरा किया।”
बन रहा है नया गठबंधन
सऊदी अरब का कहना है कि यह गठबंधन बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य, लाल सागर और अदन की खाड़ी में समुद्री आवाजाही, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा शिपमेंट को सुरक्षित करेगा। रियाद में 43 देशों और EU की बैठक के बाद गुरुवार को इसने अपनी योजनाओं का खुलासा किया। इसने कहा कि तुर्की, पाकिस्तान, मिस्र, सूडान और जिबूती सहित 14 देशों ने प्रस्तावित गठबंधन का समर्थन किया है। खाड़ी के छह अरब देशों में से ओमान और UAE का नाम गठबंधन का समर्थन करने वालों में शामिल नहीं था।