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छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने भी WhatsApp के जरिए प्रश्नपत्र के कुछ प्रश्नों के कंटेंट वायरल होने की सूचना विश्वविद्यालय को दी. जांच में प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित होने की पुष्टि हुई. इसके बाद विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं स्नातक परीक्षा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. एन.आर. रंगारे की शिकायत पर तेलीबांधा थाने में अपराध दर्ज किया गया. जांच के दौरान पुलिस को दुर्ग निवासी अनुज मिंज के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली. टीम ने दुर्ग पहुंचकर उसे पकड़ा और पूछताछ शुरू की. इसके बाद कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के जिलों में अलग-अलग टीमें भेजी गईं. पुलिस के मुताबिक, करीब 36 घंटे की लगातार जांच के बाद पेपर लीक के स्रोत और आरोपियों की पहचान कर ली गई.
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी योगेश सोनकेसरिया है, जो वर्ष 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है. पिछले करीब एक साल से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त कर उन्हें कॉलेज ले जाने का काम कर रहा था. 17 अगस्त को वह उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय, रायपुर पहुंचा था. वहां से उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त किए और सभी प्रश्नपत्रों के लिफाफे कॉलेज ले गया. हालांकि 20 अगस्त को होने वाले AGCH-221 के प्रश्नपत्र वाला लिफाफा वह अपने घर ले गया.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने घर पर लिफाफे के साथ छेड़छाड़ की. उसने सुई और नुकीले उपकरण की मदद से लिफाफे में छोटा सा छेद किया और मोबाइल कैमरा अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली. इसके बाद प्रश्नपत्र की सामग्री की नकल तैयार की गई. पुलिस के अनुसार, योगेश सोनकेसरिया ने प्रश्नपत्र की सामग्री अपने कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र अजय नायक और दो अन्य छात्रों को कुल 11 हजार रुपये में बेच दी. इसके बाद अजय नायक ने प्रश्नपत्र त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू तक पहुंचाया. इसी नेटवर्क के जरिए परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
पुलिस ने मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सुजा, कॉपी और फेविकोल बरामद किया गया है. पुलिस ने बताया कि मामले में संलिप्त 2 अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक में शामिल अन्य लोगों और उनकी भूमिका के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है. मामले में पुलिस ने कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें मुख्य आरोपी योगेश सोनकेसरिया (38) निवासी सिवनी (मध्यप्रदेश), अजय नायक (20) निवासी बलौदाबाजार, त्रिदेव पटेल (22) निवासी महासमुंद, नितिन पाण्डेय (22) निवासी बस्तर, अनुज मिंज (22) निवासी जशपुर और आदित्य साहू (20) निवासी बालोद शामिल हैं.
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जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित की गई थी. प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के लगभग 1,200 विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे. परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रसारित होने की शिकायत सामने आई थी. मामले की गंभीरता और परीक्षा की निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है. निरस्त परीक्षा सितंबर के प्रथम सप्ताह में पुनः आयोजित की जाएगी.