अच्छी और पर्याप्त नींद शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है। अगर आप लगातार कम सोते हैं तो इसका असर सिर्फ सुबह की थकान या कमजोरी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दिमाग और शरीर के काम करने के तरीके पर भी पड़ सकता है। लंबे समय तक नींद पूरी न होने से ध्यान लगाने में परेशानी, याददाश्त प्रभावित होना, तनाव बढ़ना और दिनभर एनर्जी की कमी जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।
नींद की कमी का असर हमारी रोजमर्रा की आदतों पर भी दिखाई दे सकता है। कम सोने वाले लोगों में बार-बार कुछ खाने की इच्छा, खासकर ज्यादा कैलोरी और तुरंत एनर्जी देने वाले खाद्य पदार्थों की क्रेविंग बढ़ सकती है। वहीं, थकान के कारण शारीरिक गतिविधियां करना भी मुश्किल लग सकता है।
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आइए जानते हैं कि लगातार 6 से 8 घंटे से कम नींद लेने पर शरीर और दिमाग पर किस तरह के असर पड़ सकते हैं।
दिमाग की कार्यक्षमता हो सकती है प्रभावित
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक पर्याप्त नींद नहीं लेता है तो उसका असर दिमाग की कार्यक्षमता पर पड़ सकता है। ऐसे में ध्यान केंद्रित करने और सतर्क रहने में परेशानी हो सकती है। नींद दिमाग को दिनभर मिली जानकारी को प्रोसेस करने और याददाश्त को मजबूत करने में मदद करती है।
कम नींद के कारण प्रतिक्रिया देने का समय भी प्रभावित हो सकता है। इसका असर रोजमर्रा के कामों और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ सकता है। इसके अलावा मूड में बदलाव, चिड़चिड़ापन और भावनात्मक संवेदनशीलता बढ़ने जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं।
हार्मोन और भूख पर पड़ सकता है असर
नींद की कमी शरीर के हार्मोनल संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है। तनाव से जुड़े हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर बढ़ सकता है। इसके साथ ही भूख और पेट भरा होने का एहसास नियंत्रित करने वाले सिस्टम पर भी असर पड़ सकता है।
यही वजह है कि कम सोने के बाद कुछ लोगों को बार-बार भूख लग सकती है। ज्यादा खाने की इच्छा बढ़ने से खान-पान की आदतों में बदलाव आ सकता है। नींद की कमी शरीर की ब्लड शुगर को मैनेज करने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है।
बढ़ सकती है अनहेल्दी फूड की क्रेविंग
लंबे समय तक कम सोने से खाने की आदतों में भी बदलाव आ सकता है। नींद पूरी नहीं होने पर ज्यादा कैलोरी वाले और तुरंत ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थों की इच्छा बढ़ सकती है। कुछ लोग थकान और नींद को दूर रखने के लिए कैफीन का सेवन भी बढ़ा देते हैं।
यह आदत अगर लंबे समय तक बनी रहे तो नींद और थकान का चक्र और बिगड़ सकता है।
शरीर की रिकवरी पर भी असर
नींद के दौरान शरीर को आराम और रिकवरी का समय मिलता है। पर्याप्त नींद नहीं मिलने पर शरीर को मांसपेशियों और अन्य ऊतकों की मरम्मत के लिए कम समय मिल सकता है। इसके कारण थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।
कम एनर्जी की वजह से एक्सरसाइज या रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधियां करना भी मुश्किल लग सकता है। धीरे-धीरे सुस्ती, थकान, ज्यादा खाने की क्रेविंग और खराब नींद का एक चक्र बन सकता है।
कितनी नींद जरूरी है?
नींद की जरूरत उम्र और व्यक्ति की परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए अगर आपको लगातार नींद से जुड़ी परेशानी हो रही है, दिनभर अत्यधिक थकान रहती है या नींद पूरी करने के बावजूद आराम महसूस नहीं होता, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी बीमारी, लगातार नींद की समस्या या अन्य स्वास्थ्य परेशानी की स्थिति में विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लें।


