कांकेर/जगदलपुर : बेमौसम बारिश और चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का बस्तर संभाग के कई जिलों में भी दिख रहा है। एक ओर कांकेर में लगातार बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसलें भीगकर खराब हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर बस्तर में तूफान के चलते मौसम में बदलाव और रेल सेवाओं में बाधा आई है। किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है और अब वे मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जबकि मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक हल्की बारिश की संभावना जताई है।
खेतों में पानी भर जाने से धान की क्वालिटी पर भी असर पड़ेगा। कांकेर जिला मुख्यालय से लगे सिविल लाइन क्षेत्र में तो किसानों की पकी हुई फसल पूरी तरह डूब चुकी है। किसानों का कहना है कि उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है और अब वे सरकार से नुकसान का मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
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तूफान ‘मोंथा’ का बस्तर संभाग में भी असर
जगदलपुर सहित बस्तर संभाग के सातों जिलों सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव और कांकेर में तूफान ‘मोंथा’ का असर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने इन जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रख लें, ताकि नुकसान से बचा जा सके।
रेल सेवाएं भी प्रभावित
तूफान के असर से बस्तर क्षेत्र में रेल सेवाएं भी बाधित हुई हैं। विशाखापट्टनम-किरंदुल नाइट एक्सप्रेस को अगले दो दिनों के लिए रद्द कर दिया गया है। वहीं भुवनेश्वर-जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस और राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को रायगढ़ा के लिए शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। रायगढ़ा और जगदलपुर के बीच ये दोनों ट्रेनें अगले दो दिनों तक नहीं चलेंगी।


