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बार-बार होने वाले छाले
Betterhealth के अनुसार, कुछ लोग बार-बार छालों की समस्या से जूझते हैं. इन्हें एप्थस अल्सर कहा जाता है और यह लगभग 20 प्रतिशत लोगों में देखे जाते हैं. ज्यादातर व्यक्तियों में इसका कोई साफ कारण नहीं मिलता, लेकिन कुछ मामलों में विटामिन B, फोलेट या आयरन की कमी से भी यह समस्या हो सकती है. ये छाले होंठों के अंदर, गाल की स्किन, जीभ के किनारे, मुंह के नीचे वाले हिस्से, ऊपर के पीछे वाले हिस्से और टॉन्सिल के पास की नरम परत पर बनते हैं. ये आमतौर पर 5 मिमी से बड़े नहीं होते. कई बार एक से ज्यादा छाले एक साथ भी बन जाते हैं या आपस में मिल जाते हैं. ये 10 से 14 दिन में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बार-बार दोहराने की आदत रहती है.
जो छाले ठीक नहीं होते
अगर कोई छाला दो हफ्ते से अधिक समय तक ठीक न हो या बार-बार बनने लगे, तो दंत चिकित्सक या डॉक्टर को दिखाना जरूरी है. खासकर अगर आप तंबाकू का सेवन करते हैं या शराब पीते हैं, तो ऐसे न भरने वाले छालों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें, क्योंकि दोनों चीजें मुंह के कैंसर का जोखिम बढ़ाती हैं.
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छालों के लक्षण
कारण के हिसाब से लक्षण बदल सकते हैं, लेकिन आमतौर पर ये देखने को मिलते हैं
- मुंह की त्वचा पर एक या अधिक दर्दनाक घाव
- घावों के आसपास लालपन और सूजन
- खाना चबाने या ब्रश करते समय दर्द
- नमकीन, तीखा या खट्टा खाना खाने पर जलन
- दांतों की गलत शेप, ब्रेसेस या डेंचर से रगड़कर छाला बढ़ना
- कुछ रेयर मामलों में छाला बिल्कुल नहीं दर्द करता, ऐसा अक्सर तब होता है जब वजह गंभीर हो, जैसे मुंह का कैंसर.
छाले क्यों बनते हैं? कारण क्या हैं?
मुंह के छाले इन वजहों से हो सकते हैं, जैसे कि-
- गलती से गाल काट लेना
- ब्रश करते समय चोट लगना
- गलत आकार के दांतों से लगातार रगड़
- डेंचर या ब्रेसेस का घिसाव
- गरम खाना खाते समय जलना
- तेज केमिकल वाले माउथवॉश का असर
- एप्थस अल्सर
- वायरल इंफेक्शन, जैसे कोल्ड सोर वायरस
- कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट