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कौन हैं अनुपमा रामचंद्रन?
अनुपमा रामचंद्रन तमिलानाडु की हैं। जब वह महज 13 साल की थीं, तभी उन्होंने पहली बार स्नूकर टेबल को छुआ। वह मायलापुर क्लब में एक बिलियर्ड्स वर्कशाॅप में शामिल हुई थीं। तब उन्होंने ये नहीं सोचा था कि एक दिन यही टेबल उन्हें स्नूकर की विश्व चैंपियन बना देगी। चेन्नई की रहने वाली अनुपमा ने स्नूकर खेलना शुरू किया और 15 साल की उम्र में स्नूकर को अपना करियर बना लिया। हर शॉट उसकी लगन का प्रमाण बनता गया।
चाचा ने दी ट्रेनिंग
उनके चाचा और स्पोर्ट्स परफॉर्मेंस स्पेशलिस्ट के. नारायणन ने अनुपमा को प्रेरित किया। वह उनके पहले कोच बने। कोच नायारण ने अनुपमा को न सिर्फ तकनीक सिखाई, बल्कि दिमाग और दबाव के खेल में भी जीतना सिखाया। क्यू स्पोर्ट्स में रफ्तार नहीं, धैर्य जीतता है, यह अनुपमा ने समझा और जिया।
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अनुपमा की खेल उपलब्धियां
अनूपमा की कड़ी ट्रेनिंग और मेहनत का ही परिणाम था कि उन्होंने 8 नेशनल जूनियर खिताब अपने नाम किए। रूस में 2017 वर्ल्ड ओपन U-16 चैंपियनशिप में जीत दर्ज कराई। वह इतने में नहीं रूकी, बल्कि भारत की पहली महिला वर्ल्ड स्नूकर चैंपियन भी बनकर दिखाया। अनुपमा ने आईबीएसएफ वर्ल्ड स्नूकर (15-रेड) चैंपियनशिप 2025 में हिस्सा लिया और फाइनल में हांगकांग की तीन बार की विश्व चैंपियन ऑन यी को हराकर देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि और सम्मान प्राप्त किया।
खेल के साथ अनुपमा ने अपनी पढ़ाई पर भी पूरा फोकस रखा। वह चेन्नई के एमओबी वैष्णव कॉलेज फॉर वुमेन से पब्लिक पॉलिसी में पोस्टग्रेजुएट कर रही हैं। उन्होंने साबित किया कि अगर इरादा मजबूत हो तो शिक्षा और खेल दोनों साथ चल सकते है।