CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में 48 घंटे बाद बढ़ेगी ठंड, कई जिलों में बारिश के आसार
देश में सबसे आगे निकला असम
जहां एक तरफ केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग को लेकर देशभर में चर्चाएं तेज हैं, वहीं असम सरकार ने बाजी मारते हुए राज्य स्तर पर इसके लिए पैनल बनाने की घोषणा कर दी है. मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह कदम कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला है.
सैलरी और पेंशन में होगा जोरदार इजाफा
इस आयोग के गठन के बाद राज्य सरकार के लाखों कर्मचारियों की सैलरी और रिटायर हो चुके लोगों की पेंशन में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. आमतौर पर वेतन आयोग हर 10 साल में एक बार गठित किया जाता है. पिछला वेतन आयोग (7वां) 2016 में लागू हुआ था, जिसके बाद से ही कर्मचारी 2026 से नए वेतनमान की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
केंद्र की क्या है तैयारी?
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर, 2025 को ही जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना देसाई की अध्यक्षता में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन कर दिया था. केंद्र के इस पैनल को रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.
माओवादी संगठन को बड़ा झटका: बटालियन-1 का कमांडर बारसे देवा सरेंडर की तैयारी में, 40 नक्सली तेलंगाना पहुंचे
कर्मचारियों को क्या मिलेगा?
- फिटमेंट फैक्टर में सुधार से बेसिक सैलरी बढ़ जाएगी.
- कर्मचारी यूनियनों को उम्मीद है कि संशोधित वेतन जनवरी 2026 से ही लागू माना जाएगा.
असम सरकार के इस कदम के बाद अब अन्य राज्यों के सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं कि उनके राज्य भी जल्द ही इस दिशा में कदम उठाएंगे.