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सबसे बड़ी गलती
कार में फोन चार्ज करते समय सबसे आम और खतरनाक गलती होती है लोकल या सस्ते कार चार्जर का इस्तेमाल. ऐसे चार्जर न तो सही वोल्टेज कंट्रोल करते हैं और न ही ओवरहीटिंग से बचाते हैं. कार की बैटरी से आने वाला पावर स्थिर नहीं होता, उसमें उतार-चढ़ाव रहता है. सस्ता चार्जर इस फ्लक्चुएशन को संभाल नहीं पाता जिससे मोबाइल बैटरी पर दबाव पड़ता है और उसकी लाइफ कम होने लगती है.
इंजन ऑन-ऑफ करते समय चार्जिंग
कई लोग कार स्टार्ट करते या बंद करते समय फोन को चार्जिंग पर लगाए रखते हैं. यह आदत भी बैटरी के लिए नुकसानदायक है. जब इंजन स्टार्ट होता है तब अचानक हाई पावर स्पाइक आता है, जो सीधे चार्जर के जरिए मोबाइल तक पहुंच सकता है. इससे बैटरी की केमिकल हेल्थ धीरे-धीरे खराब होती है खासकर नए स्मार्टफोन्स में.
ओवरहीटिंग से बढ़ता है खतरा
कार के अंदर गर्मी पहले से ही ज्यादा होती है, खासकर गर्मियों में. अगर फोन चार्जिंग पर हो और धूप में रखा हो तो ओवरहीटिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. लगातार ज्यादा तापमान में चार्जिंग करने से बैटरी की कैपेसिटी कम होती है और फोन जल्दी डिस्चार्ज होने लगता है.
फास्ट चार्जिंग का गलत इस्तेमाल
आजकल कार चार्जर भी फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करने लगे हैं. लेकिन हर फोन हर फास्ट चार्जिंग स्टैंडर्ड के लिए बना नहीं होता. गलत फास्ट चार्जिंग से बैटरी पर ज्यादा करंट का दबाव पड़ता है जिससे उसकी उम्र घटती है.
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सुरक्षित तरीके क्या हैं?
अगर आप कार में फोन चार्ज करना चाहते हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें. हमेशा ब्रांडेड और सर्टिफाइड कार चार्जर का इस्तेमाल करें. इंजन स्टार्ट या बंद करते समय फोन को चार्जिंग से हटा लें. चार्जिंग के दौरान फोन को धूप में न रखें और जरूरत न हो तो 100% तक चार्ज करने से बचें.