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इस संबंध में आयोग ने गुरुवार (15 जनवरी) को अधिसूचना जारी कर संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश भेजे। यह विस्तार केवल दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि पर लागू होगा। इससे मतदाताओं को अपने विवरण की जांच, नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरने और आवश्यक आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समयसीमा बढ़ने की जानकारी मीडिया, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO), ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित की जाए। साथ ही इस अधिसूचना को राज्य राजपत्र के विशेष अंक में तत्काल प्रकाशित करने और उसकी तीन प्रतियां आयोग को भेजने को कहा गया है। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मतदाता सूची की प्रक्रिया पारदर्शी और त्रुटिरहित बनी रहे।
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उल्लेखनीय है कि 2026 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले कई राज्यों में SIR के तहत मतदाता सूचियों का अद्यतन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सभी योग्य नागरिकों को सूची में शामिल करना और स्थानांतरण, मृत्यु, डुप्लीकेट या अन्य त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को हटाना है। चुनाव आयोग ने पहली बार वोट डालने वाले और नए योग्य मतदाताओं से अपील की है कि वे फॉर्म-6 समय रहते बूथ लेवल अधिकारी या ऑनलाइन माध्यम से जमा करें।