राजस्थान में बिजली उपभोक्ताओं को झटका! फरवरी से फ्यूल सरचार्ज वसूली, बढ़ेगा बिजली बिल
अक्सर हैकर्स फेक या अनसिक्योर्ड WiFi नेटवर्क बनाते हैं जिनका नाम बिल्कुल असली जैसा होता है. जैसे ही आप कनेक्ट करते हैं, आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी उनके कंट्रोल में आ जाती है. पासवर्ड, OTP, ईमेल लॉगिन, सोशल मीडिया अकाउंट और यहां तक कि बैंकिंग डिटेल्स भी आसानी से चोरी की जा सकती हैं.
अगर आप Free WiFi से जुड़े रहते हुए मोबाइल बैंकिंग, UPI पेमेंट, ऑनलाइन शॉपिंग, ईमेल या सोशल मीडिया लॉगिन करते हैं तो खतरा कई गुना बढ़ जाता है. एक बार आपकी जानकारी लीक हुई तो हैकर चुपचाप आपके अकाउंट से पैसे निकाल सकता है और आपको भनक तक नहीं लगेगी.
कुछ मामलों में हैकर्स सिर्फ डेटा चोरी नहीं करते बल्कि Malware भेजकर आपके फोन का रिमोट कंट्रोल भी ले लेते हैं. इसके बाद कैमरा ऑन किया जा सकता है, माइक्रोफोन एक्सेस हो सकता है, आपकी लोकेशन ट्रैक की जा सकती है यानि आपका फोन आपकी जासूसी का जरिया बन सकता है.
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अगर मजबूरी में Free WiFi इस्तेमाल करना ही पड़े तो हमेशा सुरक्षित वेबसाइट (https) का ही इस्तेमाल करें. ऑनलाइन बैंकिंग और पेमेंट से पूरी तरह बचें. ऑटो-कनेक्ट WiFi ऑप्शन बंद रखें. VPN का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित रहता है. काम खत्म होते ही WiFi डिस्कनेक्ट कर दें.