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क्या हुआ था 28 जनवरी को?
बीती 28 जनवरी को पाल गांव आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत अचानक बिगड़ी थी. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया और विसरा जांच के लिए सैंपल भेजे थे.
FSL रिपोर्ट में क्या निकला?
करीब 11 दिनों के इंतजार के बाद आई FSL रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के जहर (Poison) की पुष्टि नहीं हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, शरीर में किसी भी तरह के अप्राकृतिक कारणों के संकेत नहीं मिले हैं.
SIT की रिपोर्ट क्या कहती है?
इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए गठित SIT (विशेष जांच दल) ने आश्रम के सीसीटीवी फुटेज और वहां मौजूद लोगों के बयानों की गहनता से पड़ताल की थी. शुरुआती जांच में किसी बाहरी हस्तक्षेप या साजिश के सबूत नहीं मिले हैं.
अब आगे क्या?
FSL रिपोर्ट आने के बाद अब गेंद मेडिकल बोर्ड के पाले में है. विसरा रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल बोर्ड अब अपनी अंतिम राय देगा, जिससे यह साफ हो पाएगा कि मृत्यु का वास्तविक कारण क्या था.
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आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस
उनकी मृत्यु के बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट साझा की गई, जिसमें लिखा था कि उन्होंने अपना जीवन ‘सनातन धर्म’ के लिए समर्पित कर दिया है. पोस्ट में ‘न्याय मिलने की उम्मीद’ की बात भी कही गई थी. इस रहस्यमयी पोस्ट और हनुमान बेनीवाल जैसे नेताओं द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग ने इस मामले को और अधिक पेचीदा बना दिया.