Japan AI robot monk Buddharoid: जापान के रिसर्चर्स ने AI से चलने वाला एक रोबोट मॉन्क यानी भिक्षु बनाया है. उनका कहना है कि यह ह्यूमनॉइड रोबोट (इंसानों जैसा दिखने वाला) आध्यात्मिक सलाह दे सकता है और भविष्य में मानव भिक्षुओं की कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकता है. “बुद्धारॉइड” नाम का यह छोटा दो पैरों वाला रोबोट केवल आवाज निकालकर बात ही नहीं करता, बल्कि धार्मिक स्थलों पर अपनी मौजूदगी का एहसास भी करा सकता है. इसे जापान की क्योटो यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने बनाया है. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी का कहना है कि इस मशीन को बौद्ध धर्मग्रंथों के सबसे कठिन और गूढ़ हिस्सों की समझ के लिए भी ट्रेनिंग दी गई है.
यह ऐसे संवेदनशील सवालों के जवाब दे सकती है, जिन्हें लोग किसी इंसान से पूछने में झिझकते हैं. बुधवार को जारी बयान में यूनिवर्सिटी ने कहा, “भविष्य में संभव है कि ये रोबोट उन धार्मिक विधि-विधान करने में मदद करें या कुछ को पूरी तरह से निभाएं, जो पारंपरिक रूप से मानव भिक्षु करते हैं.” इस नए भिक्षु के लिए कुमागई ने अपने अपडेटेड “BuddhaBotPlus” को चीन में बने Unitree G1 ह्यूमनॉइड रोबोट में इंस्टॉल किया और इस तरह AI वाला रोबो-भिक्षु तैयार किया. मंगलवार को एक मंदिर में मीडिया प्रस्तुति के दौरान कुमागई ने इस रोबोट को पेश किया. उस समय रोबोट का चेहरा नहीं था और उसने साधारण ग्रे रंग का वस्त्र पहन रखा था.
उसने अपने दस्ताने पहने हाथों को प्रार्थना की मुद्रा में जोड़ा, पत्रकारों के सामने चला और अन्य काम भी करके दिखाए. जब वह कुर्सी पर बैठा, तो उससे एक स्थानीय युवा पत्रकार को कहा कि वह जरूरत से ज्यादा सोचता और चिंता करता है. इसपर पत्रकार से रोबोट ने शांत और गहरी आवाज में कहा, “बौद्ध धर्म सिखाता है कि अपने विचारों के पीछे आंख बंद करके नहीं भागना चाहिए और न ही जल्दबाजी में किसी काम में कूद पड़ना चाहिए.”उसने आगे कहा, “एक तरीका यह है कि अपने मन को शांत करें और उस विचार को ही छोड़ दें.”
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