IPL 2026: जयपुर के SMS स्टेडियम में मैच को लेकर बड़ा अपडेट, राजस्थान के क्रिकेट फैंस के लिए अहम खबर
अक्सर देखा जाता है कि कई उम्मीदवार अपने रिज्यूमे में ऐसी जानकारियां भी जोड़ देते हैं जिनका नौकरी से कोई संबंध नहीं होता. जैसे माता-पिता का नाम, वैवाहिक स्थिति या धर्म जैसी जानकारी लिखना जरूरी नहीं होता. एचआर को सिर्फ वही जानकारी चाहिए होती है जो उम्मीदवार की प्रोफेशनल प्रोफाइल से जुड़ी हो.इसलिए रिज्यूमे में केवल जरूरी और काम की जानकारी ही शामिल करें.
बहुत से लोग अपने रिज्यूमे में सिर्फ सामान्य स्किल्स लिख देते हैं, जैसे एमएस ऑफिस, टीम वर्क या लीडरशिप. लेकिन एचआर को यह समझ नहीं आता कि उम्मीदवार वास्तव में किस स्तर तक इन स्किल्स को जानता है. इसलिए बेहतर होगा कि स्किल्स के साथ उनके बारे में थोड़ी विस्तार से जानकारी दी जाए.अगर आप एक्सेल जानते हैं तो उसमें पिवट टेबल, वी-लुकअप या डैशबोर्ड जैसी चीजों का भी जिक्र करें.
कई उम्मीदवार इंटरनेट से कॉपी किया हुआ करियर ऑब्जेक्टिव अपने रिज्यूमे में डाल देते हैं.यह तरीका एचआर को बिल्कुल पसंद नहीं आता क्योंकि वही लाइनें उन्हें सैकड़ों रिज्यूमे में देखने को मिलती है. इसलिए हमेशा ऐसा ऑब्जेक्टिव लिखें जो आपकी वास्तविक उपलब्धियों और अनुभव को दर्शाता हो.
अगर आपने किसी प्रोजेक्ट या काम में अच्छा प्रदर्शन किया है तो उसे सिर्फ शब्दों में बताने के बजाय आंकड़ों के साथ बताना ज्यादा प्रभावी होता है. उदाहरण के लिए, अगर आपने किसी सोशल मीडिया पेज को संभाला है तो यह भी बताएं कि उससे फॉलोअर्स या एंगेजमेंट कितनी बढ़ी. इससे एचआर को आपकी क्षमता का सही अंदाजा लगता है.
राजस्थान विधानसभा में बड़ा बदलाव संभव: 49 साल बाद बढ़ सकती है विधायकों की संख्या, बदल सकता है सियासी गणित
रिज्यूमे बनाते समय बहुत ज्यादा रंग, अलग-अलग फॉन्ट या डिजाइन का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. ज्यादा सजावटी रिज्यूमे कई बार प्रोफेशनल नहीं लगता और कई कंपनियों के सॉफ्टवेयर उसे पढ़ भी नहीं पाते. इसलिए रिज्यूमे का फॉर्मेट हमेशा साफ, सरल और प्रोफेशनल होना चाहिए.
रिज्यूमे में उम्मीदवार का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और शहर जैसी बुनियादी जानकारी जरूर होनी चाहिए.इसके साथ ही अगर आपके पास लिंक्डइन प्रोफाइल है तो उसे भी शामिल करना फायदेमंद हो सकता है. इससे एचआर को आपके बारे में ज्यादा जानकारी मिल जाती है.