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पहले ही मार गिराए गए ड्रोन
इराकी सुरक्षा सूत्रों और अनादोलू एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 4 ड्रोन दूतावास को निशाना बनाने की कोशिश में थे, लेकिन इराकी हवाई रक्षा ने उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही मार गिराया। एक ड्रोन अबू नुवास स्ट्रीट पर और दूसरा ग्रीन जोन में दूतावास के पास गिरा। अल जजीरा के अनुसार, बगदाद हवाई अड्डे के पास अमेरिकी राजनयिक केंद्र पर रॉकेटों से हमला हुआ। ये हमले ईरान समर्थित प्रॉक्सी की ओर से किए गए थे।
UAE में ड्रोन अटैक
इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैरा तेल क्षेत्र और शाह गैस क्षेत्र में ड्रोन हमलों से 2 अलग-अलग जगहों पर आग लग गई। इन घटनाओं के बाद UAE ने अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। फुजैरा ऑयल इंडस्ट्री जोन में ड्रोन हमले से बड़ी आग लगी, जिसके बाद कुछ ऑयल लोडिंग ऑपरेशंस रोक दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन क्षति का आकलन जारी है।
सऊदी अरब ने इंटरसेप्ट किए ड्रोन
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने भी पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्र में कई ड्रोनों को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट किया। रिपोर्टों में 7 से 34 तक ड्रोनों का जिक्र है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा अभियानों के तहत नष्ट किए गए। UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात की और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। दोनों ने इन हमलों को क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया, साथ ही ईरानी हमलों को संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया।
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कब और कैसे शुरू हुई जंग?
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जंग 28 फरवरी 2026 से तब शुरू हुई थी जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे। अमेरिका और इजरायल का मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को नष्ट करना है। ईरान ने भी पलटवार करते हुए खाड़ी देशों UAE, बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं।