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मैदान में नहीं टिक पाई कजाकिस्तानी मुक्केबाज
बता दें कि 9 अप्रैल की सुबह से ही खेल प्रेमियों की नजरें इस महामुकाबले पर टिकी थीं। ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, रिंग में उतरते ही अरुंधती ने अपनी फुर्ती से कजाकिस्तान की बॉक्सर को बैकफुट पर धकेल दिया। अरुंधती के सधे हुए पंचों का विरोधी खिलाड़ी के पास कोई जवाब नहीं था। गौरतलब है कि जजों ने एकतरफा फैसला देते हुए अरुंधती को 5-0 से विजेता घोषित किया, जिसके बाद मंगोलिया के खेल मैदान में शान से तिरंगा लहरा उठा।
सेना की जांबाज खिलाड़ी हैं अरुंधती
मिली जानकारी के अनुसार, कोटा की महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी से अपने सफर की शुरुआत करने वाली अरुंधती फिलहाल भारतीय सेना की टीम से खेलती हैं। उनके कोच अशोक गौतम ने बताया कि अरुंधती की यह जीत उनकी बरसों की तपस्या का फल है। इससे पहले वह जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। बुल्गारिया के स्ट्रैंड्जा मेमोरियल में सिल्वर मेडल हासिल किया था। अब तक उनके नाम आधा दर्जन से ज्यादा इंटरनेशनल गोल्ड दर्ज हो चुके हैं।
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कोटा में दिवाली जैसा माहौल, अब नजरें ओलंपिक पर
इधर कोटा में जैसे ही जीत की खबर मिली, अरुंधती के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। पिता सुरेश चौधरी और माता सुनीता चौधरी ने मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर की। पिता ने गर्व से कहा कि बेटी का अब अगला लक्ष्य सीधा ओलंपिक पदक है। जिला मुक्केबाजी संघ और कोटा के स्थानीय खिलाड़ियों में इस जीत को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।