Rajasthan Staff Selection Board: 18 अप्रैल को कृषि पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा, 40 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी होंगे शामिल
रिपोर्ट नॉर्मल फिर भी बना सिरदर्द रहता है तो कहां दिक्कत है
डॉक्टरों के अनुसार, ऐसे सिरदर्द का कारण कोई बड़ी बीमारी नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतें होती हैं. इसे फंक्शनल समस्या कहा जाता है, इसका मतलब शरीर के काम करने के तरीके में गड़बड़ी है, न कि किसी स्ट्रक्चरल बीमारी में, इस समस्या का कारण दिमाग में कोई चोट या ट्यूमर नहीं है, बल्कि हमारी लाइफस्टाइल धीरे-धीरे शरीर पर असर डाल रही है.
Rajasthan News : राजस्थान में 2 दवाओं पर बड़ा एक्शन, क्वालिटी टेस्ट में फेल होने के बाद लगाया गया बैन; कहीं आपके घर में तो नहीं मौजूद ये दवाएं?
सिरदर्द के छिपे कारण क्या है
1. तनाव – आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव बहुत आम हो गया है. जब हम लगातार तनाव में रहते हैं, तो सिर और गर्दन की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं. ससे हल्का लेकिन लगातार रहने वाला सिरदर्द होता है, जिसे टेंशन हेडेक कहा जाता है.
2. गलत बैठने का तरीका – लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप पर झुककर बैठना गर्दन और कंधों पर दबाव डालता है. यह दबाव धीरे-धीरे सिर तक पहुंचता है और दर्द का कारण बनता है.
3. ज्यादा स्क्रीन देखना – घंटों स्क्रीन देखने से आंखों पर जोर पड़ता है. कम पलक झपकाना और लगातार फोकस करने से आंखों में थकान होती है, जो सिरदर्द में बदल जाती है.
4. समय पर खाना न खाना – अगर आप अक्सर खाना छोड़ देते हैं या देर से खाते हैं, तो ब्लड शुगर कम हो जाती है. इससे कमजोरी, चिड़चिड़ापन और सिरदर्द शुरू हो सकता है.
5. नींद की कमी या ज्यादा नींद – नींद का सीधा संबंध हमारे दिमाग से होता है. कम सोना, बार-बार नींद टूटना या बहुत ज्यादा सोना,ये सभी सिरदर्द को बढ़ा सकते हैं.