Rajasthan News: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चित्तौडगढ़ सांसद सीपी जोशी की ओर से नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद-अलिराजपुर-नंदुरबार नई रेल लाइन को प्रतापगढ़ शहर के पास से गुजारे जाने के लिए किए गए आग्रह पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सकारात्मक कदम उठाते हुए इस रेल परियोजना के एलाइनमेंट को प्रतापगढ़ शहर के पास होकर ले जाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि यदि सब कुछ सही रहा तो जिला मुख्यालय को रेल सेवा से जोड़ने का दशकों पुराना सपना अब साकार हो सकता है।
रेल मंत्री ने सांसद को लिखा पत्र
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से सांसद सी पी जोशी को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि इस नई रेल लाइन का एलाइनमेंट सर्वे वर्तमान में प्रगति पर है तथा पश्चिम रेलवे को इसे प्रतापगढ़ शहर के पास से होकर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। सीपी जोशी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार आदिवासी क्षेत्रों के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
सांसद सीपी जोशी ने बताया कि उन्होंने पूर्व में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर जन सुविधा की दृष्टि से नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद-अलिराजपुर-नंदुरबार नई रेल लाइन को प्रतापगढ़ शहर से जोड़ने का आग्रह किया था। रेल मंत्री की ओर से प्राप्त पत्र में इस संबंध में सकारात्मक कार्रवाई की जानकारी दी गई है, जिससे क्षेत्रवासियों में हर्ष की भावना है।
प्रतापगढ़ सीधा रेलवे नेटवर्क से जुड़ सकेगा
सांसद जोशी ने कहा कि प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय अब तक सीधे रेलवे नेटवर्क से नहीं जुड़ा था। इस परियोजना के माध्यम से प्रतापगढ़ को नीमच, बांसवाड़ा, दाहोद से जोडऩे का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे दक्षिण राजस्थान के हजारों लोगों को पहली बार रेल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे राजस्थान के सीमावर्ती आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा व्यापार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।
सांसद ने बताया कि प्रतापगढ़,बांसवाड़ा और आसपास का क्षेत्र रेल लाइन बनने से यात्रियों व उद्योगों के लिए कच्चा व तैयार माल की ढुलाई आसान होगी और स्थानीय उद्योगों को भी बड़ा बाजार मिल सकेगा। इससे स्थानीय उद्योग और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। रेल लाइन के निर्माण और संचालन से क्षेत्र के युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी मिलेगा। तथा दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग के लिए भी एक वैकल्पिक और छोटा मार्ग विकसित होगा।


