फेडरेशन ने जताई आपत्ति
फेडरेशन ने जोर देकर कहा कि कैप्टन आनंद का फ्लाइट एआई-171 से कोई सीधा संबंध नहीं है। वह न तो फ्लाइट प्लानिंग में शामिल थे, न ही क्रैश साइट पर मौजूद थे। वह न तो कोई फैक्टुअल विटनेस हैं, न टेक्निकल और न ही एक्सपर्ट विटनेस। उनका कहना है कि कैप्टन आनंद को सिर्फ इसलिए बुलाया गया क्योंकि वह कैप्टन सुमीत सभरवाल के रिश्तेदार हैं। फेडरेशन को शक है कि जांचकर्ताओं के मन में पहले से ही एक नैरेटिव तैयार है और वे जिम्मेदारी मृत फ्लाइट क्रू पर डालने की कोशिश कर रहे हैं।
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जांच के नियमों का हवाला
फेडरेशन ने इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (आईसीएओ) के नियमों का हवाला दिया है। उनके मुताबिक, जांच में परिवार के सदस्यों को बुलाना गैरकानूनी है। फिर भी, कैप्टन आनंद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने को तैयार हैं। यह हादसा 12 जून को हुआ था, जब अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एयर इंडिया फ्लाइट 171 टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही क्रैश हो गई। प्लेन एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराया, जिसमें 12 क्रू मेंबर्स और 230 पैसेंजर्स में से 229 की मौत हो गई। कुल 260 लोगों की जान गई, जबकि सिर्फ एक पैसेंजर चमत्कारिक रूप से बच गया।