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अब e-KYC जरूरी
नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) ने कार्ड बनाने की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है. अब BIS 2.0 (Beneficiary Identification System) नामक नई प्रणाली लागू की गई है. इसके तहत नया आयुष्मान कार्ड केवल तभी जारी किया जाएगा जब लाभार्थी का आधार-आधारित e-KYC पूरा हो जाएगा.
पकड़े कई फर्जीवाड़े
सिस्टम में हो रही धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा ले रही है. अब तक देशभर में 61,932 आयुष्मान कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं. इनमें से 48,000 से अधिक कार्डों का फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू हो चुका है. अगर जांच में कोई कार्ड फर्जी पाया जाता है, तो उस पर मिलने वाली मुफ्त चिकित्सा सुविधा तुरंत रोक दी जाएगी.
नए सदस्य जोड़ने पर भी लगी लगाम
पहले आयुष्मान कार्ड में परिवार के नए सदस्यों को जोड़ना काफी आसान था, लेकिन अब सरकार ने इसे काफी सीमित कर दिया है. मनमाने तरीके से अब कार्ड में नए नाम जोड़ना लगभग बंद हो गया है, जिससे केवल जरुरतमंद लोग ही इसका फायदा उठा सकें.
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क्यों पड़ी इन बदलावों की जरूरत?
सरकार का कहना है कि कई ऐसे लोग इस योजना का लाभ उठा रहे थे जो इसके लिए एलिजिबल नहीं थे. इससे सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ रहा था और असली जरूरतमंदों तक सुविधा नही पहुंच पा रही थी. फर्जीवाड़े को रोकने और सिस्टम को साफ बनाने के लिए ही ये कड़े कदम उठाए गए हैं.
अगर आपका कार्ड आधार से लिंक नहीं है या आपकी जानकारी गलत पाई जाती है, तो आपको अस्पताल में इलाज के वक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. समय रहते अपना e-KYC स्टेटस जरूर चेक कर लें.