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टनल के लेफ्ट ट्यूब का ब्रेकथ्रू 30 सितंबर 2025 को पूरा किया जा चुका था। आज राइट ट्यूब के ब्रेकथ्रू के साथ दोनों हिस्सों का निर्माण निर्णायक चरण में प्रवेश कर गया है। यह सुरंग ट्विन-ट्यूब तकनीक से विकसित की जा रही है, जिसे आधुनिक सुरक्षा मानकों, उन्नत वेंटिलेशन सिस्टम और सुगम यातायात के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इस टनल के चालू हो जाने के बाद पहाड़ी क्षेत्रों से ट्रैफ़िक का दबाव कम होगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच 464 किलोमीटर लंबे सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे का अधिकांश निर्माण कार्य भी लगभग पूरा होने की कगार पर है। यह एक्सप्रेसवे रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम सहित कई प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों को जोड़ते हुए सीधा विशाखापट्टनम बंदरगाह तक पहुंच प्रदान करेगा। परियोजना को भारतमाला कार्यक्रम के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसके पूरा होने पर तीनों राज्यों के बीच औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।
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इन्फ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों का मानना है कि यह टनल अगले कुछ वर्षों में मध्य भारत और पूर्वी तट के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का सबसे अहम हिस्सा बन जाएगी। इससे रायपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा न केवल कम समय में पूरी होगी, बल्कि परिवहन लागत भी घटेगी। राज्य सरकार ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल में एक बड़ा मील का पत्थर करार दिया है।