CG RTE Admission 2026: छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है, लेकिन आवेदन की रफ्तार अब भी धीमी बनी हुई है। राजधानी रायपुर में 3201 सीटों में से अब तक केवल 2461 सीटों पर ही प्रवेश हो पाया है, जबकि 740 सीटें अब भी खाली हैं। राज्यभर में भी हजारों सीटें रिक्त हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में सीटें खाली रह सकती हैं।
रायपुर में 740 सीटें अब भी खाली
राजधानी रायपुर में आरटीई के तहत कुल 3201 सीटें उपलब्ध हैं। दो चरणों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2461 सीटों पर दाखिले हो चुके हैं, जबकि 740 सीटें अभी भी रिक्त हैं। तीसरे और अंतिम चरण की प्रक्रिया शुरू हुए करीब 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक केवल 236 नए आवेदन ही प्राप्त हुए हैं।
पूरे प्रदेश में 9 हजार से ज्यादा सीटें रिक्त
राज्य में 6858 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत करीब 23,124 सीटें निर्धारित हैं। पहले और दूसरे चरण के बाद लगभग 13,882 सीटों पर प्रवेश हो चुका है, जबकि अभी भी करीब 9,242 सीटें खाली हैं। शिक्षा विभाग के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है कि अंतिम चरण में भी अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं मिल रहे हैं।
5 अगस्त तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
संचालनालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, तीसरे और अंतिम चरण के लिए पात्र अभिभावक 5 अगस्त तक आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद नोडल प्राचार्य दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे और 10 से 14 अगस्त के बीच चयन सूची जारी की जाएगी। चयनित विद्यार्थियों को 17 से 25 अगस्त के बीच संबंधित स्कूलों में प्रवेश लेना होगा।
हिंदी माध्यम स्कूलों में ज्यादा खाली हैं सीटें
शिक्षा विभाग से जुड़े जानकारों के अनुसार, अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों की तुलना में हिंदी माध्यम के स्कूलों में अधिक सीटें खाली हैं। अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कराना चाहते हैं, जबकि कई निजी हिंदी माध्यम स्कूलों में तीन चरणों के बाद भी पर्याप्त आवेदन नहीं पहुंचे हैं।
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सिलेबस छूटने की चिंता भी बनी वजह
अभिभावकों का मानना है कि प्रवेश प्रक्रिया में देरी होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। यदि 25 अगस्त तक प्रवेश होंगे, तब तक स्कूलों में सिलेबस काफी आगे बढ़ चुका होगा। ऐसे में नए छात्रों को पढ़ाई में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। अभिभावकों का कहना है कि आरटीई प्रवेश प्रक्रिया स्कूल खुलने से पहले पूरी होनी चाहिए, ताकि बच्चों को शुरुआत से ही नियमित पढ़ाई का अवसर मिल सके।
अंतिम चरण पर शिक्षा विभाग की नजर
अब शिक्षा विभाग की उम्मीदें अंतिम चरण पर टिकी हैं। यदि आने वाले दिनों में आवेदन की संख्या नहीं बढ़ी, तो इस साल भी राज्यभर में हजारों आरटीई सीटें खाली रह सकती हैं। विभाग अधिक से अधिक पात्र अभिभावकों से समय रहते आवेदन करने की अपील कर रहा है।


