चेहरे पर आत्मविश्वास, आंखों में खुशी और कंधे पर IPS का बैज… खाकी वर्दी में नजर आई पी. अमीक्षा पहली नजर में किसी युवा महिला पुलिस अधिकारी जैसी दिखती है। लेकिन इस तस्वीर के पीछे एक छोटी बच्ची का सपना और पिता का प्यार छिपा है। यह खास पल तेलंगाना के बेगमपेट पुलिस थाने का है, जहां SHO पद पर तैनात पी. सैदुलु ने अपनी बेटी को पुलिस की वर्दी पहनाकर उसके सपने को एक दिन के लिए हकीकत में बदल दिया।
पी. सैदुलु तेलंगाना पुलिस में बेगमपेट थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) हैं। उनकी बेटी अमीक्षा बचपन से ही पिता की खाकी वर्दी से प्रभावित रही है। वह अक्सर अपने पिता से कहती थी कि वह भी बड़ी होकर पुलिस अधिकारी बनना चाहती है।
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गणेश विसर्जन के दौरान पूरा हुआ बेटी का सपना
गणेश प्रतिमा विसर्जन के आखिरी दिन अमीक्षा को अपने पिता के साथ पुलिस ड्यूटी का अनुभव करने का मौका मिला। पिता ने बेटी के लिए पुलिस की ड्रेस तैयार करवाई और उसे वर्दी पहनाकर अपने साथ थाने लेकर पहुंचे।
अमीक्षा ने पुलिसकर्मियों से बातचीत की, अपने पिता की टीम के सदस्यों से मुलाकात की और बड़े आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने की प्रक्रिया को करीब से देखा। उसके लिए यह सिर्फ वर्दी पहनने का अनुभव नहीं था, बल्कि पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों को समझने का एक खास मौका था।
पिता ने लिखा- “उसका सपना, मेरा फर्ज”
SHO पी. सैदुलु ने बेटी के इस खास पल का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि अमीक्षा हमेशा से पुलिस की वर्दी से प्रभावित रही है और उसकी इच्छा पर उसे गणेश विसर्जन के आखिरी दिन वास्तविक पुलिस ड्यूटी का अनुभव कराया गया।
उन्होंने भावुक संदेश में लिखा, “उसके लिए यह ड्यूटी का सिर्फ एक दिन था… मेरे लिए यह मेरी बेटी के साथ जीवन भर की याद बन गई। उसका सपना, मेरा फर्ज और हमारा यादगार दिन।”
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बड़े आयोजन में तैनात थे हजारों पुलिसकर्मी
गणेश विसर्जन के दौरान हैदराबाद में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। तेलंगाना के डीजीपी सी.वी. आनंद के अनुसार, आयोजन के दौरान करीब 30 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए थे।
अमीक्षा के लिए यह दिन पिता की वर्दी को पहनने भर का अनुभव नहीं था, बल्कि उस जिम्मेदारी को करीब से महसूस करने का मौका था, जिसे उसके पिता रोज निभाते हैं। पिता की ड्यूटी और बेटी के सपने का यह मेल अब यादगार पल बन गया है।