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आखिर गाय को आसमान में उड़ाने की वजह क्या थी?
अमेरिका के न्यू जर्सी में हुई इस घटना के पीछे का मकसद पूरी तरह व्यावसायिक था। गाय के साथ ऐसा अनोखा प्रयोग लोगों का ध्यान डेयरी इंडस्ट्री और दूध की क्वॉलिटी की ओर खींचना था। उस समय पैकेज्ड और ब्रांडेड दूध मार्केट में नया-नया आया था और डेयरी कंपनियां यह साबित करना चाहती थीं कि उनका दूध कितना शुद्ध और भरोसेमंद है। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए प्लानिंग की गई कि दूध को सीधे आसमान से लोगों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए एल्म फार्म ओली को चुना गया, जो पूरी तरह स्वस्थ और शांत स्वभाव की गाय थी।
आसमान से दूध के डिब्बे उतरते देख हैरान रह गए थे लोग
1930 में किसी गाय को हवाई जहाज की सवारी, और वह भी पहली बार करवाना कोई बच्चों का खेल नहीं था। एल्म को एक खास हार्नेस से बांधा गया ताकि उड़ान के दौरान उसे कोई नुकसान न हो। फोर्ड ट्राइमोटर प्लेन के अंदर उसके लिए पर्याप्त जगह और देखभाल की व्यवस्था की गई थी। उड़ान के दौरान ही गाय का दूध निकाला गया, जो उस जमाने में अपने आप में एक बड़ी बात थी। यह दूध मेडल के डिब्बों में भरा गया और फिर पैराशूट की मदद से जमीन पर गिराया गया। जब दूध के डिब्बे सुरक्षित रूप से जमीन पर उतरे, तो वहां मौजूद लोग हैरान रह गए।
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एकाएक पूरी दुनिया में मशहूर हो गई थी एल्म फार्म ओली
आसमान से गिरते दूध के डिब्बे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। अखबारों में अगले दिन इस घटना की तस्वीरें और खबरें छपीं, और इतिहास में पहली बार ‘उड़ने वाली गाय’ की चर्चा अमेरिका से बाहर पूरी दुनिया तक होने लगी। लोगों की इस घटना में इतनी ज्यादा दिलचस्पी थी कि डेयरी कंपनियों ने जितने प्रचार की उम्मीद की थी, उससे कहीं ज्यादा उन्हें मिल गया था। एल्म को बाद में एक प्रतीक के रूप में याद किया जाने लगा। उसके ऊपर आने वाले कई दशकों तक अखबारों में लेख लिखे गए, और वह इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गई।