Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve: बूंदी जिले के लिए वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है. मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से एक बाघिन को राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया जा रहा है. इस अंतर्राज्यीय हवाई स्थानांतरण के लिए सेना का हेलिकॉप्टर बाघिन को लेकर जयपुर पहुंचा और फिर निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार देर रात सड़क मार्ग से बून्दी स्थित रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व भेजा गया. यह राजस्थान में बाघ ट्रांसलोकेशन का पहला मामला है, जिसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है.
जानकारी के अनुसार वायुसेना का भारतीय वायुसेना का एमआई-17 हेलिकॉप्टर बाघिन को लेकर पेंच टाइगर रिजर्व से रवाना हुआ है, जो जयपुर एयरपोर्ट पर लैंड हुआ. इसके बाद बाघिन को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के साथ सड़क मार्ग से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व ले जाया गया है.
25 दिनों से विशेषज्ञों की टीम पेंच टाइगर रिजर्व में डेरा डाले हुए
बताया गया है कि बाघिन को रामगढ़ लाने के लिए करीब 25 दिनों से विशेषज्ञों की टीम पेंच टाइगर रिजर्व में डेरा डाले हुए थी. इस दौरान बाघिन को ट्रैक करने, रेडियो कॉलर लगाने और स्वास्थ्य परीक्षण के प्रयास किए गए. एक बार रेडियो कॉलर हटने के बाद बाघिन जंगल की ओर बढ़ गई थी, जिससे ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण हो गया. आखिरकार टीम ने हाथियों की मदद से बाघिन को सुरक्षित रूप से ट्रैंकुलाइज कर लिया.
राजस्थान में यह पहला बाघ ट्रांसलोकेशन है. इससे पहले वर्ष 2008 में ओडिशा में बाघ ट्रांसलोकेशन का प्रयास असफल रहा था. अब रामगढ़ विषधारी अभ्यारण्य में बाघिन को बजालिया एंक्लोजर में रखा जाएगा, जहां उसकी सेहत, सुरक्षा और मूवमेंट पर पल-पल नजर रखी जाएगी. आने वाले दिनों में यह ट्रांसलोकेशन बूंदी और राजस्थान के लिए वन्यजीव संरक्षण की नई शुरुआत साबित हो सकता है.
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