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चार फेरों में हुआ परीक्षण, तीनों ब्रेकिंग सिस्टम की हुई जांच
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी सौरभ जैन ने बताया कि यह परीक्षण चार फेरों में किया गया। रेक में उपलब्ध तीनों इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम- लोको ब्रेक, ट्रेन ब्रेक और पुश बटन ब्रेक का अलग-अलग परिस्थितियों में परीक्षण किया गया। प्रत्येक परीक्षण में ब्रेक लगाए जाने के बिंदु से लेकर ट्रेन के पूरी तरह रुकने तक की दूरी का सटीक मापन किया गया, जिससे ब्रेकिंग प्रणाली की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता का मूल्यांकन किया जा सके।
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आरडीएसओ और आईसीएफ के विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुआ परीक्षण
उन्होंने बताया कि यह परीक्षण अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के तत्वावधान में किया जा रहा है। परीक्षण के दौरान आरडीएसओ के निदेशक (टेस्टिंग) अनन्जय मिश्रा, आईसीएफ चेन्नई के सहायक मंडल विद्युत इंजीनियर सुधांशु कुमार, मुख्य लोको निरीक्षक रामनिवास मीना, यातायात निरीक्षक महेंद्र सिंह मीणा सहित आरडीएसओ और आईसीएफ के तकनीकी विशेषज्ञ एवं लोको क्रू मौजूद रहे।
बता दें कि कोटा मंडल में 29 जुलाई 2026 से देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू के विभिन्न तकनीकी परीक्षण किए जा रहे हैं। इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस परीक्षण की सफलता को रेक के परिचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।