Rajasthan Private Bus : होली से पहले राहत… राजस्थान में निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म, फिर शुरू हुआ बस संचालन
आरोप और सुरक्षा खामियां
दरअसल आरोप है कि बिर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लबप्रबंधन ने बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, बिना फायर सेफ्टी उपकरण और बिना ज़रूरी लाइसेंस के यह कार्यक्रम कराया. फायर शो के दौरान आग बेकाबू हो गई और देखते ही देखते पूरा क्लब चपेट में आ गया. जांच में सामने आया कि ग्राउंड फ्लोर और डेक फ्लोर पर कोई इमरजेंसी एग्जिट तक नहीं था, जिससे लोग बाहर नहीं निकल पाए और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. ये मामला भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया, जिनमें गैर-इरादतन हत्या, लापरवाही से मौत, खतरनाक कृत्य और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं. बाद में जांच के दौरान और भी धाराएं जोड़ी गईं.
आरोपी: मालिक, प्रबंधन, पंचायत अधिकारी और इवेंट कंपनी
मुख्य आरोपी (क्लब के मालिक/पार्टनर):
1. अजय गुप्ता – गुरुग्राम निवासी, दिल्ली से गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में.
2. गौरव लुथरा – दिल्ली निवासी, थाईलैंड के फुकेट से हिरासत में लेकर भारत लाया गया, फिलहाल न्यायिक हिरासत में.
3. सौरभ लुथरा – दिल्ली निवासी, फुकेट से पकड़े गए, न्यायिक हिरासत में.
ये तीनों Being GS Hospitality Goa Arpora LLP के पार्टनर और क्लब के मालिक हैं.
क्लब प्रबंधन से जुड़े आरोपी:
4. राजीव मोडक – कॉरपोरेट जनरल मैनेजर
5. विवेक सिंह – जनरल मैनेजर
6. विजय कुमार सिंह – ऑपरेशन मैनेजर
7. प्रियंशु ठाकुर – गेट मैनेजर
8. राजवीर सिंघानिया – बार मैनेजर
इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने सुरक्षा नियमों की अनदेखी की.
स्थानीय पंचायत अधिकारी
9. रोशन रेडकर – उस समय अर्पोरा नागोआ पंचायत के सरपंच
10. रघुवीर बागकर – पंचायत सचिव
दोनों पर आरोप है कि बिना वैध अनुमति क्लब को संचालन की इजाजत दी गई.
इवेंट कंपनी के जिम्मेदार लोग
11. मयूर कोलवलकर – K-Dance Events Private Limited के डायरेक्टर
12. मोहम्मद अफीफ अब्दुलसब बातेरी – उसी कंपनी के जनरल मैनेजर
इन पर फायर शो आयोजित करने की जिम्मेदारी थी.
संपत्ति मालिक (फरार):
13. सुरिंदर कुमार खोसला – 78 साल के ब्रिटिश नागरिक, संपत्ति के मालिक. इनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट और ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है, लेकिन वे अभी भी फरार हैं.
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जांच और गवाह
आपको बता दें कि पुलिस ने इस मामले में 305 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं. कई तकनीकी रिपोर्ट, फायर विभाग की रिपोर्ट और दस्तावेजी सबूत भी चार्जशीट के साथ अदालत में पेश किए गए हैं.