इससे रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पहले से आसान बनेगा और इसमें मानव हस्तक्षेप कम होगा. नई व्यवस्था के तहत दो तरह के आवेदकों को स्वचालित रुप से रजिस्ट्रेशन मिल सकेगा. पहले वे लोग जिन्हें सिस्टम ने डेटा और जोखिम विश्लेषण के आधार पर चुना है, और दूसरे वे जिनका टैक्स देय (आउटपुट टैक्स) हर महीने 2.5 लाख रुपये से कम है.
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क्या कहना है वित्त मंत्री का?
1. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, इस नई प्रक्रिया से करीब 96 प्रतिशत नए आवेदकों को सीधा फायदा पहुंचेगा. गाजियाबाद में नए सीजीएसटी भवन का उद्घाटन करने के बाद वित्तमंत्री ने बताया कि, सरकार का ध्यान अब नीति बनाने की जगह पर लोकल स्तर पर नीतियों के सही तरीके से क्रियान्वित करने पर शिफ्त हो रहा है.
साथ ही, वित्तमंत्री ने राज्य और केंद्रीय जीएसटी इकाइयों से अनुरोध किया है कि, वे बिना किसी उलझन में पड़े हुए नई नीतियों के अनुरुप काम करें और नए नियमों को लागू करें. साथ ही उन्होंने कहा कि, प्रशासन को टैक्सपेयर से सम्मान की भावना रखनी चाहिए. वहीं टैक्स चोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए.
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2. इसके साथ ही वित्तमंत्री ने बताया कि, आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है. इसके लिए स्वचालित रिफंड और जोखिम-आधारित ऑडिट सिस्टम की शुरुआत की गई है. उन्होंने देश भर के जीएसटी सेवा केंद्रों में पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों के होने पर भी जोर दिया. जिससे सामान्य नागरिकों को जीएसटी से संबंधित परेशानियों का निपटारा आसानी से हो सके. साथ ही उन्होंने कहा कि, हर जीएसटी केंद्रों में करदाताओं की मदद के लिए हेल्पडेस्क होनी चाहिए.