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चाय के फायदे और नुकसान दोनों
सही मात्रा में चाय पी जाए तो इसके कई फायदे भी होते हैं. कुछ रिसर्च बताते हैं कि रेगुलर चाय पीने से हार्ट की बीमारी, स्ट्रोक और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है, हालांकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह की चाय और कितनी मात्रा में पी रहे हैं. चाय में मौजूद फ्लेवोनॉयड्स और कैटेचिन्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं और कुछ तरह के कैंसर के खतरे को घटाने में भी मददगार माने जाते हैं. चाय में मौजूद कैफीन और एल-थिएनिन का कम्बिनेशन दिमाग को शांत रखते हुए फोकस बढ़ाने में मदद करता है, जिससे कॉफी जैसी घबराहट महसूस नहीं होती. वहीं, अदरक या पुदीना जैसी हर्बल चाय पाचन को बेहतर करने और शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकती है. सर्दी और फ्लू के मौसम में चाय इम्युनिटी को सपोर्ट करने का भी काम करती है.
हालांकि, जरूरत से ज्यादा चाय पीने के कुछ नुकसान भी हैं. खासतौर पर कैफीन वाली चाय अधिक मात्रा में लेने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. चाय में मौजूद टैनिन आयरन के एब्जॉर्ब में बाधा डाल सकते हैं, जिससे एनीमिया से जूझ रहे लोगों या शाकाहारी डाइट लेने वालों को दिक्कत हो सकती है. अगर दिनभर में कैफीन की मात्रा 400 मिलीग्राम से ज्यादा हो जाए, तो नींद से जुड़ी समस्याएं, बेचैनी और दिल की धड़कन तेज होने जैसी शिकायतें हो सकती हैं. खाली पेट तेज चाय पीने से मतली, एसिडिटी या चक्कर आने की समस्या भी हो सकती है. इसके अलावा, लंबे समय तक ज्यादा चाय पीने से दांतों पर दाग पड़ सकते हैं और कैफीन की आदत भी लग सकती है.
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एक दिन में कितनी चाय पीनी सही?
अब सवाल यह है कि कितनी चाय ज्यादा मानी जाती है. आमतौर पर दिन में 3 से 4 कप चाय पीना ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है. हालांकि, जो लोग कैफीन के प्रति ज्यादा सेंसिटिव हैं या किसी खास स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें चाय की मात्रा कम करनी चाहिए. प्रेग्नेंट महिलाओं को भी खास ध्यान रखने की जरूरत होती है और उन्हें दिन में 2 कप से ज्यादा चाय नहीं पीनी चाहिए, ताकि कैफीन की मात्रा सुरक्षित सीमा में रहे.