नई दिल्ली: इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का पहला एयरपोर्ट बन गया है, जिसने सालाना 4 करोड़ से ज्यादा यात्रियों के साथ ‘वॉटर-पॉजिटिव’ का दर्जा हासिल कर लिया है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) की ओर से बताया गया कि अब दिल्ली का एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट है जो जितने पानी का इस्तेमाल करता है, उससे अधिक पानी प्रकृति में वापस छोड़ता है।
वॉटर इनोवेशन समिट में औपचारिक रूप से मान्यता दी गई, जहां DIAL को नीति आयोग – CII वॉटर न्यूट्रैलिटी फ्रेमवर्क के तहत सम्मानित किया। यह IGI को वैश्विक स्तर पर सस्टेनेबल और जल संवेदनशील एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में आगे करता है।
वॉटर-पॉजिटिव बनना इस बात का प्रमाण
DIAL के CEO विदेश कुमार जयपुरियार ने कहा कि वॉटर-पॉजिटिव बनना इस बात का प्रमाण है कि हम पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है। इससे ना केवल प्राकृतिक संसाधनों पर हमारी निर्भरता घटती है, बल्कि एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत हुआ है। इस पहल के साथ हम अपने एयरपोर्ट को नेट-जीरो एयरपोर्ट के गोल की ओर बढ़ रहे हैं।
देश के ग्रीन एयरपोर्ट में से एक
IGI सिर्फ सबसे व्यस्त नहीं, बल्कि देश के सबसे ग्रीन एयरपोर्ट में से एक है। IGI एयरपोर्ट एशिया में अपनी श्रेणी में लेवल-5 कार्बन मान्यता हासिल करने वाला पहला एयरपोर्ट है, जिसे एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) ने मान्यता दी है।
एयरपोर्ट में 625 से अधिक रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए गए हैं। दो नए ग्राउंड वॉटर रिजवॉर्यर के साथ 9 मिलियन लीटर की अतिरिक्त क्षमता तैयार की गई है।
1.66 करोड़ लीटर प्रति दिन जीरो-लिक्विड-डिस्चार्ज सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट 100% वेस्ट वॉटर का ट्रीटमेंट करता है।
स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन जैसे सिस्टम से परिसर में पानी की बचत की जा रही है।
नीति आयोग-CII के मूल्यांकन में मजबूत पानी की माप, जल माप, निगरानी और संरक्षण प्रणाली को मान्यता मिली है।
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