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क्या होती है दिक्कत?
2024 की एक मेडिकल रिव्यू के मुताबिक, ब्लॉक और इंफेक्शन वाले स्टोन तेजी से सेप्सिस जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं, अगर समय पर इलाज न मिले. एक्सपर्ट किडनी स्टोन से मौत बहुत कम मामलों में होती है, लेकिन यह संभव है, खासकर जब दिक्कतें बढ़ जाती हैं. सबसे खतरनाक स्थिति तब होती है जब किडनी में ब्लॉकेज के साथ इंफेक्शन हो जाता है, जिसे ऑब्स्ट्रक्टिव पायलोनेफ्राइटिस या पायोनेफ्रोसिस कहा जाता है. एक्सपर्ट के मुताबिक, जब स्टोन यूरेटर में फंस जाता है, तो यूरिन का प्रवाह रुक जाता है. इससे किडनी में दबाव बढ़ता है, सूजन आती है और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं. अगर इस स्थिति में इंफेक्शन हो जाए, तो एंटीबायोटिक दवाएं भी ठीक से काम नहीं कर पातीं और सेप्सिस का खतरा बढ़ जाता है.
इ़लाज में देरी से स्थिति गंभीर
रिपोर्ट्स बताती हैं कि अगर ऐसे मामलों में इलाज में देरी हो जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है. जर्नल ऑफ नेपाल मेडिसिन एसोसिएसन के अनुसार, ऐसी स्थिति में तुरंत ड्रेनेज सर्जरी के जरिए यूरिन निकालना जरूरी होता है, क्योंकि सिर्फ दवाओं से इलाज संभव नहीं होता. किडनी स्टोन कब खतरनाक हो सकता है, इसे पहचानना बेहद जरूरी है. Mayo Clinic के अनुसार, अगर तेज दर्द के साथ बुखार, ठंड लगना, पेशाब में जलन या बदबू, उल्टी या पेशाब कम होना जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
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क्या है बचाव का रास्ता?
इसके अलावा, बड़े स्टोन 7 मिमी या उससे ज्यादा यूरिन के रास्ते को ज्यादा आसानी से ब्लॉक कर सकते हैं. यूरोपियन रेडियोलॉजी के अनुसार, छोटे स्टोन खुद निकल सकते हैं, लेकिन बड़े स्टोन के लिए इलाज जरूरी हो सकता है. डॉक्टर का कहना है कि समय पर इलाज से किडनी स्टोन की दिक्कतों को लगभग पूरी तरह रोका जा सकता है. ज्यादा पानी पीना, लक्षणों को नजरअंदाज न करना और समय पर जांच कराना सबसे जरूरी कदम हैं. किडनी स्टोन आमतौर पर जानलेवा नहीं होता, लेकिन अगर यह यूरिन के रास्ते को ब्लॉक कर दे और इंफेक्शन हो जाए, तो स्थिति तेजी से गंभीर बन सकती है. ऐसे में समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है.