राजस्थान के न्यायालयों में लंबित मामलों का आंकड़ा 25.56 लाख तक पहुंचा, जयपुर में सबसे ज्यादा
आधी रात का सन्नाटा और दर्दनाक फैसला
यह मामला टीला मोड़ थाना क्षेत्र का है. जानकारी के अनुसार, चेतन कुमार अपने परिवार के साथ सोसायटी में रहते हैं. रात करीब दो बजे, जब घर के सभी लोग सो रहे थे तब उनकी तीन बेटियां जिनकी उम्र 16, 14 और 12 साल बताई जा रही है चुपचाप उठीं और बालकनी की ओर चली गईं. कुछ ही पलों में ऐसा कदम उठाया गया जिसने पूरे परिवार को हमेशा के लिए तोड़ दिया.
क्या है कोरियन लवर गेम और इसके टास्क?
पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एक ऑनलाइन टास्क-आधारित गेम है जिसमें खिलाड़ियों को लगातार नए-नए लक्ष्य पूरे करने के लिए उकसाया जाता है. कहा जा रहा है कि गेम के भीतर ऐसे मनोवैज्ञानिक टास्क दिए जाते हैं जो खिलाड़ियों की सोच और व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं. कुछ मामलों में खिलाड़ी खुद को अलग पहचान से जोड़ने लगते हैं और वास्तविक दुनिया से कटते चले जाते हैं. फिलहाल यह जांच का विषय है कि क्या किसी आखिरी टास्क ने इस घटना में भूमिका निभाई.
कोरोना काल से बढ़ी मोबाइल की आदत
परिजनों और पड़ोसियों के अनुसार, तीनों बहनों के बीच गहरा लगाव था और वे हर काम साथ करती थीं. कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होने के बाद मोबाइल का इस्तेमाल धीरे-धीरे आदत में बदल गया. समय के साथ यह लत इतनी बढ़ गई कि स्कूल जाना भी प्रभावित होने लगा. घर में मोबाइल और गेम को लेकर अक्सर रोक-टोक होती थी जिससे वे मानसिक दबाव में रहती थीं.
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समाज के लिए बड़ा सबक
पुलिस ने तीनों के मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं ताकि यह पता चल सके कि आखिरी समय में वे किस तरह के कंटेंट या निर्देशों से जुड़ी थीं. यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना कितना जरूरी है. वर्चुअल दुनिया का अंधाधुंध आकर्षण कब खतरनाक मोड़ ले ले इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है.