दिल्ली सरकार ने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘लखपति बिटिया योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक लड़कियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि उनकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके। इस योजना को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 30 मार्च को जारी गजट नोटिफिकेशन के जरिए लागू किया गया है। योजना के सभी नियम और शर्तें स्पष्ट कर दी गई हैं . बुधवार से यह योजना औपचारिक रूप से लागू हो चुकी है. नई ‘लखपति बिटिया योजना’ अब पुरानी ‘लाडली योजना’ की जगह लेगी। पहले से चल रही योजना को अपग्रेड कर ज्यादा प्रभावी और व्यापक बनाया गया है.
किस्तों में मिलती है मदद
दिल्ली सरकार की ‘लखपति बिटिया योजना’ के तहत बेटियों की शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है। इस योजना में पात्र लाभार्थियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक अलग-अलग चरणों में कुल 61 हजार रुपये की मदद दी जाती है। यह राशि किस्तों में दी जाती है. जन्म, स्कूल में दाखिला, पढ़ाई और आगे की शिक्षा के दौरान अलग-अलग भुगतान सरकार द्वारा दी गई यह राशि समय के साथ ब्याज सहित बढ़ती रहती है. इसी वजह से कुल रकम बढ़कर करीब 1.20 लाख रुपये तक पहुंच जाती है
कब निकलेगी रकम?
सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता अलग-अलग चरणों में दी जाएगी जन्म के समय 11,000 रुपये , पहली कक्षा में प्रवेश पर 5,000 रुपये , छठी कक्षा में प्रवेश पर 5,000 रुपये, नौवीं कक्षा में प्रवेश पर 5,000 रुपये, 11वीं कक्षा में प्रवेश पर 5,000 रुपये , 12वीं कक्षा में प्रवेश पर 5,000 रुपये इस तरह कुल राशि 61,000 रुपये तक पहुंचती है. यह राशि तुरंत नहीं निकाली जा सकेगी लड़की के 18 या 21 साल की उम्र पूरी करने पर ही निकासी संभव होगी निकासी इस बात पर निर्भर करेगी कि उसने कौन सा शैक्षणिक चरण पूरा किया है.
किस कोर्स के लिए कितनी रकम?
इसके अलावा उच्च शिक्षा के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं. एक साल के डिप्लोमा कोर्स के लिए 10,000 रुपये , 2 या 3 साल के डिप्लोमा के लिए 20,000 रुपये , 4 साल की ग्रेजुएशन के लिए 25,000 रुपये तक की सहायता इस तरह योजना के तहत कुल मिलाकर एक बेटी को लगभग 61,000 रुपये तक का आर्थिक लाभ मिल सकता है.
दिल्ली में जन्म होना चाहिए
नोटिफिकेशन के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं लड़की का जन्म दिल्ली में होना चाहिए वह कम से कम 3 साल से दिल्ली की निवासी हो परिवार की सालाना आय 1.20 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए योजना का लाभ एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही मिलेगा.
इस योजना के लिए लड़की का पढ़ना दिल्ली के सरकारी, एमसीडी/एनडीएमसी या मान्यता प्राप्त स्कूल में अनिवार्य है लड़की की शादी 18 साल की उम्र से पहले नहीं होनी चाहिए यदि योजना की किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है, तो लड़की को योजना से बाहर कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, अब तक जमा की गई पूरी राशि भी सरकार वापस ले लेगी.
योजना के लिए कब होगा रजिस्ट्रेशन?
इस योजना के लिए लड़की के जन्म के एक साल के भीतर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है या फिर कक्षा 1, 6, 9 और 11 में दाखिले के समय आवेदन किया जा सकता है इसके अलावा पॉलिटेक्निक, ITI या उच्च शिक्षा में प्रवेश के समय भी रजिस्ट्रेशन का मौका मिलेगा आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जो एक तय पोर्टल के जरिए की जाएगी। जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, स्कूल में दाखिले का प्रमाण , टीकाकरण (Vaccination) रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे.
अधिकारी आवेदनों की करेंगे जांच
नोटिफिकेशन के अनुसार, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी आवेदनों की जांच और मंजूरी देंगे। हर चरण में दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा किस्त जारी करने से पहले लड़की की शादी की स्थिति और टीकाकरण रिकॉर्ड की भी जांच होगी.
आधार से जुड़े बैंक खाते में आएगी रकम
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी आवेदनों की जांच करेंगे। हर चरण में दस्तावेजों का सत्यापन होगा और किस्त जारी करने से पहले लड़की की शादी और टीकाकरण की स्थिति भी देखी जाएगी। यह राशि लड़की के नाम पर जमा की जाएगी और मैच्योरिटी के बाद आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर होगी। भुगतान तभी होगा जब लड़की 12वीं पास कर ले, या 18/21 साल की उम्र पूरी कर ले (निर्धारित शर्तों के अनुसार) चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन्स (CCI) में रहने वाली लड़कियों के लिए नियमों में छूट दी गई है। ऐसे मामलों में आय और निवास से जुड़ी शर्तें लागू नहीं होंगी.


