Chhattisgarh News : शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़ा! नकली दस्तावेजों से नौकरी, 8 लोगों पर FIR दर्ज
बरामद सामग्री और माओवादियों की कार्यप्रणाली
अभियान के दौरान पुलिस ने दो इंसास राइफल, एक .303 राइफल, एक देशी कट्टा, एक सुरका (देशी बीजीएल लॉन्चर), दो 12 बोर हथियार, दो सिंगल शॉट हथियार, 127 जिंदा राउंड, आठ मैगजीन, 22 बीजीएल सेल, इलेक्ट्रिक वायर का एक बंडल तथा हथियार वर्कशॉप के विभिन्न उपकरण बरामद किए। पुलिस के अनुसार, माओवादियों की टेक्निकल टीम शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर आईईडी और देशी हथियारों का निर्माण तथा स्वचालित हथियारों की मरम्मत का काम करती थी।
नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता
यह बरामदगी गरियाबंद पुलिस द्वारा पिछले डेढ़ वर्ष से चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान ‘ऑपरेशन विराट’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अभियान के तहत 26 जनवरी 2026 से पूर्व धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन के सभी सूचीबद्ध सक्रिय माओवादियों को या तो आत्मसमर्पण कराया गया या निष्क्रिय किया गया। इस हथियार डम्प की बरामदगी से क्षेत्र में माओवादी हिंसा की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।
पुलिस कार्रवाई की सराहना
पुलिस अधीक्षक गरियाबंद ने इस कार्रवाई को जिले में शांति और सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने ई-30 टीम और संयुक्त बल के प्रयासों की सराहना की है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में जिले में कुल 57 हथियार, 300 कारतूस और 21 मैगजीन बरामद किए गए हैं, जिनमें 28 स्वचालित हथियार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 240 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 17 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 7 आईईडी बम और लगभग 100 मीटर कार्डेक्स वायर भी जब्त किए गए हैं।
Raipur Fire News: भनपुरी तार फैक्ट्री में भीषण आग, धुएं के गुबार से ढका आसमान, दमकल की टीमें मौके पर
हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
पुलिस ने छह अलग-अलग ठिकानों से स्वचालित हथियारों, बीजीएल सेल और हथियार बनाने के उपकरणों को जब्त किया है। बरामदगी में इंसास राइफल, .303 राइफल, देशी कट्टा, बीजीएल लॉन्चर, विभिन्न बोर के हथियार, जिंदा कारतूस और मैगजीन शामिल हैं। यह कार्रवाई माओवादियों की योजना को विफल करने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हथियार निर्माण वर्कशॉप का खुलासा बरामद सामग्री से माओवादियों की टेक्निकल टीम की गतिविधियों का भी खुलासा हुआ है। यह टीम शीर्ष नेतृत्व की निगरानी में आईईडी और देशी हथियारों का निर्माण करती थी, साथ ही स्वचालित हथियारों की मरम्मत का कार्य भी करती थी। इस बरामदगी से माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में पुलिस को बड़ी मदद मिली है।