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दक्षिण कोरिया ने बताया उकसावे वाली कार्रवाई
रविवार को दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया पर उकसावे वाली कार्रवाई का आरोप लगाया था। दक्षिण कोरिया ने कहा था कि उसने कई बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रक्षेपण का पता लगाया है। ये प्रक्षेपण उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की आगामी नौवीं कांग्रेस (पार्टी की सर्वोच्च बैठक) से पहले किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बैठक से पहले उत्तर कोरिया रक्षा क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों को दिखाने के लिए हथियार परीक्षणों को बढ़ा सकता है।
क्या था उत्तर कोरिया का मकसद?
उत्तर कोरिया ने परीक्षण ऐसे समय किए जब दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ शिखर सम्मेलन के लिए बीजिंग रवाना होने वाले थे। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, हाइपरसोनिक हथियार प्रणाली से जुड़े इस अभ्यास का मकसद इसकी तत्परता जांचना, मिसाइल बलों की मारक क्षमता और परिचालन कौशल को बढ़ाना तथा देश की समग्र युद्ध निवारक क्षमता का मूल्यांकन करना था।
किम जोंग उन ने क्या कहा?
केसीएनए ने बताया कि किम जोंग उन ने कहा, ‘‘प्रक्षेपण अभ्यास से हम यह पुष्टि कर सकते हैं कि राष्ट्रीय रक्षा के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।’’ उन्होंने जोर दिया कि हमें सैन्य संसाधनों, विशेष रूप से आक्रामक हथियार प्रणालियों को निरंतर उन्नत करते रहना चाहिए।’’ हाइपरसोनिक हथियारों की सफलता से उत्तर कोरिया को अमेरिका और दक्षिण कोरिया की मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भेदने की अधिक क्षमता मिल सकती है।
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अमेरिकी सैन्य कर्रवाई पर भड़का उत्तर कोरिया
बता दें कि, उत्तर कोरिया ने लगातार मिसाइलों के परीक्षण किए हैं। ताजा परीक्षण इस वजह से अहम हैं क्योंकि एक दिन पहले अमेरिकी सैन्य अभियान में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर अमेरिका ले जाया गया था। मादुरो पर अमेरिका में मुकदमा चलाया जाएगा। उत्तर कोरिया ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उत्तर कोरिया ने इसे अमेरिका के कुटिल स्वभाव का एक और प्रमाण बताया है।