Kaamya Karthikeyan Biography : काम्या कार्तिकेयन बनीं भारत की पहली महिला स्कीयर, जिन्होंने साउथ पोल तक पहुँचकर रचा इतिहास!
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्रों, बाड़ियों और फार्म हाउसों का उपयोग अवैध मादक पदार्थों की खेती, उत्पादन या भंडारण के लिए न किया जाए। पिछले कुछ समय में राज्य के कुछ इलाकों में अफीम की खेती के मामले सामने आए थे, जिसके बाद पुलिस विभाग ने निगरानी को और सख्त करने का फैसला लिया है। इस विशेष अभियान को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव, डीएसपी राजेश कुमार झा, एसडीओपी बेरला विनय कुमार, एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का, डीएसपी कौशिल्या साहू और डीएसपी शशीकला उईके के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के दौरान पुलिस द्वारा कई तरह की जांच की जा रही है। घुमंतु लोगों, ठेले और गुमटी लगाने वाले व्यापारियों, फेरी लगाकर कपड़ा बेचने वालों, ईंट भट्ठों में काम करने वाले ठेकेदारों और मजदूरों की जानकारी एकत्र की जा रही है। इसके साथ ही उनका सत्यापन भी किया जा रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस फैक्ट्रियों, खेतों की बाड़ियों और फार्म हाउसों में काम करने वाले मजदूरों की भी जानकारी जुटा रही है। साथ ही किराये के मकानों में रहने वाले लोगों का भी सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है।
डीआईजी रामकृष्ण साहू ने स्पष्ट किया है कि यदि अभियान के दौरान कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की खेती, भंडारण या किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ तुरंत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग आधुनिक तकनीक का उपयोग लगातार बढ़ा रहा है। ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी भी इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने नागरिकों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति को अपने आसपास अवैध गतिविधियों या मादक पदार्थों से संबंधित कोई जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे। पुलिस का मानना है कि इस तरह के संयुक्त प्रयासों से न केवल अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाया जा सकेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और कानून व्यवस्था भी मजबूत होगी।