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1170 करोड़ रुपये का लक्ष्य
अधीक्षण अभियंता एफ. आर. मीणा के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के आंकड़े बताते हैं कि विभाग इस साल वसूली के बेहद करीब है. अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक के वित्तीय वर्ष में जिले में कुल 1170 करोड़ रुपये के बिजली बिल जारी किए गए थे. इनमें से विभाग ने अपनी कार्यकुशलता दिखाते हुए 1165 करोड़ रुपये वसूल कर लिए हैं. अब बाकी बचे 5 करोड़ रुपये की वसूली के लिए अधिशासी अभियंता से लेकर कनिष्ठ अभियंता तक की पूरी फौज मैदान में उतार दी गई है.
कुचामन-मकराना में सबसे ज्यादा बकाया
वसूली के इस गणित में कुचामन और मकराना डिवीजन विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं. आंकड़ों के मुताबिक, कुचामन डिवीजन में अभी भी करीब 1 करोड़ 85 लाख रुपये का भुगतान अटका हुआ है. इसी तरह मकराना डिवीजन में 1 करोड़ 71 लाख रुपये की रिकवरी बाकी है. लिस्ट में सरकारी विभागों की देनदारी का भी जिक्र है. मकराना और डीडवाना नगर परिषद के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पर ही करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये का बिल बकाया है. इन भारी-भरकम बकाया राशियों के लिए विभाग ने सख्त तेवर अपनाते हुए संबंधित विभागों को औपचारिक नोटिस जारी कर दिए हैं.
डीडवाना AEN क्षेत्र ने मारी बाजी
जहां एक तरफ वसूली के लिए मशक्कत जारी है, वहीं डीडवाना AEN क्षेत्र जिले के लिए एक मॉडल बनकर उभरा है. रिकवरी के मामले में डीडवाना एईएन क्षेत्र पूरे जिले में सबसे आगे चल रहा है, जो विभाग के लिए राहत की खबर है.
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15 दिन और फिर अंधेरा
अधीक्षण अभियंता एफ. आर. मीणा ने स्पष्ट किया है कि विभाग अब किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है. सरकारी विभागों सहित सभी डिफाल्टरों को नोटिस भेज दिए गए हैं. नियम कड़ा है- अगर नोटिस की अवधि (15 दिन) के भीतर बिल जमा नहीं हुआ, तो टीम मौके पर पहुंचकर कनेक्शन काटने की कार्रवाई करेगी.