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फ्लैट्स चुनने का मिलेगा मौका
आयुक्त अरविंद पोसवाल ने कहा कि हाल की ई-नीलामी में मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स ने यह साबित कर दिया है कि आज भी लोग आवासन मण्डल की संपत्तियों में निवेश करना सबसे सुरक्षित मानते हैं. उन्होंने कहा, “हमें इस भरोसे को कायम रखना है. नई योजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए. मण्डल का लक्ष्य इन योजनाओं को प्राथमिकता के साथ और जल्द से जल्द धरातल पर उतारना है. इन योजनाओं की सबसे खास बात है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS से लेकर उच्च आय वर्ग तक हर परिवार के लिए किफायती और क्वालिटी वाले घर उपलब्ध होंगे. लोगों को अपनी पसंद और बजट के हिसाब से स्वतंत्र मकान या फिर फ्लैट्स चुनने का विकल्प मिलेगा.
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13 जिलों और शहरों में आएगी योजना
अधिकारियों को साफ निर्देश हैं कि मण्डल की सभी खाली जमीनों को चिन्हित कर तुरंत वहां बोर्ड लगाए जाएं. जहां भी अवैध कब्जे की शिकायत मिले, वहां बिना किसी देरी के बुलडोजर और कानूनी कार्रवाई की जाए. इसके अलावा नई योजनाओं के लिए ऐसी प्राइम लोकेशन्स चुनी जा रही हैं, जहां भविष्य में निवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी और तमाम मूलभूत सुविधाएं मिल सकें. इस योजना का लाभ 13 जिलों व कस्बों के लोगों को मिलेगा. योजना जयपुर इन्दिरा गांधी नगर, फागी, चोमू, कोटपुतली और अलवर में आ रही है. इसके अलावा उदयपुर, बीकानेर, नागौर, सवाई माधोपुर, टोंक, करौली, पाली और भीलवाड़ा में भी इस योजना के जरिए घर बनाने का प्लान है.