Rajasthan Scheme: राजस्थान सरकार की ‘विधवा विवाह उपहार योजना’ एक संवेदनशील पहल है, जो पति को खो चुकी महिलाओं को समाज में पुन: सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए शुरू की गई है। इस योजना का मुख्य केंद्र उन महिलाओं को आर्थिक संबल देना है, जो अपने जीवन के कठिन दौर से गुजरने के बाद एक नई शुरुआत करना चाहती हैं।
इस योजना के अंतर्गत, पात्र महिला को पुनर्विवाह करने पर सरकार की ओर से 51,000 की सहायता राशि ‘उपहार’ के रूप में दी जाती है। यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, ताकि महिला शादी के खर्चों और गृहस्थी की शुरुआती जरूरतों को बिना किसी वित्तीय बोझ के पूरा कर सके।
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इसका प्राथमिक उद्देश्य विधवा महिलाओं को पुनर्विवाह के लिए प्रोत्साहित करना और समाज की रूढ़िवादी सोच को बदलना है। यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण, किसान और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान है। यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें बिना किसी सामाजिक दबाव या डर के भविष्य संवारने का अवसर प्रदान करती है।
योजना का लाभ लेने के लिए महिला राजस्थान की मूल निवासी होनी चाहिए और उसकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन ऑफलाइन माध्यम से जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में जमा किए जा सकते हैं।
पति को खोने के बाद अकेले जीवन का संघर्ष काफी कठिन हो सकता है। राजस्थान सरकार इसी संघर्ष को कम करने और विधवा महिलाओं को दोबारा घर बसाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु 51,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
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योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का लक्ष्य केवल पैसा देना नहीं, बल्कि समाज में विधवा विवाह को लेकर सोच बदलना है। सरकार चाहती है कि विधवा महिलाओं को पुनर्विवाह के लिए आर्थिक संबल मिले। वे समाज में गरिमा के साथ अपना नया जीवन शुरू कर सकें। गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर शादी का आर्थिक बोझ न पड़े।


