Viksit Bharat G Ram G Scheme: राजस्थान समेत पूरे देश में कल से नई हाजिरी व्यवस्था लागू
आंकड़ों में बाड़मेर की ‘स्मार्ट’ रफ्तार
अधीक्षण अभियंता अशोक मीणा के अनुसार, विभाग ने सबसे पहले शहरी क्षेत्रों को फोकस किया है. बाड़मेर शहर में अब तक 56 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर इंस्टॉल किए जा चुके हैं. इतना ही नहीं, बिजली की एक-एक यूनिट की निगरानी के लिए ट्रांसफार्मर स्तर पर 1,000 से अधिक डीटी (DT) मीटर भी लगाए जा चुके हैं.
2030 तक 4 लाख मीटर का लक्ष्य
बाड़मेर जिले का लक्ष्य बेहद बड़ा है. विभाग को जिले भर में 4 लाख से अधिक मीटर लगाने हैं, जिसे साल 2030 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है. शुरुआती दौर में जागरूकता की कमी और बदलाव के डर से कुछ जगहों पर विरोध के स्वर जरूर उठे थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है. उपभोक्ता खुद आगे आकर पुराने मीटर बदलवा रहे हैं.
Delhi Meerut Namo Bharat Train: दिल्ली–मेरठ अब सिर्फ़ मिनटों की दूरी! सुपरफास्ट ‘नमो भारत’ मेट्रो से 12 स्टेशनों का सफर
उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?
स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने से उपभोक्ताओं की लाइफस्टाइल पूरी तरह बदल जाएगी. वे मोबाइल ऐप पर लाइव देख सकेंगे कि कितनी बिजली खर्च हुई. साथ ही अब औसत या अनुमानित रीडिंग का झंझट खत्म होगा, जितना जलाएंगे उतना ही बिल आएगा. मोबाइल की तरह पहले रिचार्ज करें फिर बिजली का उपयोग करें, जिससे बकाया बिल की टेंशन खत्म होगा. बिल भरने या शिकायत के लिए दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, सब कुछ मोबाइल से होगा. बिजली चोरी पर पूरी तरह अंकुश लगेगा, जिससे ईमानदार उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज मिलेगा.