दिल्ली में गैस सिलेंडर को लेकर बड़ा फैसला, अब गोदाम से खरीद पर पूरी तरह रोक, नियम तोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई
करीब 4096 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा में लगभग 175 किलोमीटर हिस्सा नदी और दलदली क्षेत्र में आता है, जिससे केवल भौतिक अवरोधों के जरिए घुसपैठ, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकना काफी मुश्किल हो जाता है। सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता देने की नीति के तहत अधिकारियों से ऐसे नदी क्षेत्रों की पहचान करने को कहा गया है, जहां इस तरह की योजना लागू की जा सके। हालांकि यह प्रस्ताव अभी केवल चर्चा के स्तर पर है और भविष्य में इसे लागू किया जाएगा या नहीं, यह साफ नहीं है। इसके अलावा BSF आधुनिक तकनीक के जरिए निगरानी भी मजबूत कर रहा है, जिसमें ड्रोन, सेंसर, कैमरे और अन्य आधुनिक साधनों का उपयोग किया जा रहा है।
नए पश्चिमी विक्षोभ का असर तेज, 3 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी, 7 अप्रैल को देशभर में बारिश की संभावना
इससे पहले पूर्वी सीमा पर तस्करी और घुसपैठ को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है। इसी साल जनवरी में दक्षिण बंगाल क्षेत्र के तहत 32वीं बटालियन के जवानों ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सोना तस्कर को पकड़ा और उसके पास से करीब एक करोड़ रुपये के सोने के बिस्कुट बरामद किए। खुफिया जानकारी के आधार पर जवानों ने पहले ही इलाके को घेर लिया था और सीमा के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा। वह भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।