आधुनिक स्मार्टफोन्स में लिथियम-आयन बैटरी होती है. जब फोन 100% चार्ज हो जाता है तो बैटरी पर ज्यादा वोल्टेज का दबाव पड़ता है. अगर फोन लंबे समय तक फुल चार्ज पर लगा रहता है तो बैटरी के केमिकल स्ट्रक्चर पर असर पड़ता है. यही वजह है कि कुछ महीनों या साल भर में फोन की बैटरी पहले जितनी मजबूत नहीं रह पाती और बैकअप तेजी से गिरने लगता है.
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रातभर चार्जिंग के दौरान फोन हल्का-फुल्का चार्ज लेता रहता है जिससे हीट जनरेट होती है. अगर फोन तकिए के नीचे, कवर में या बंद जगह पर रखा हो, तो गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है. यह न सिर्फ बैटरी बल्कि फोन के अंदर मौजूद अन्य कंपोनेंट्स के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है.
बैटरी एक्सपर्ट्स के मुताबिक स्मार्टफोन को 20% से 80% के बीच चार्ज रखना सबसे बेहतर माना जाता है. इस रेंज में बैटरी पर न तो ज्यादा दबाव पड़ता है और न ही ज्यादा हीट बनती है. यही कारण है कि कई कंपनियां अब 80% चार्ज लिमिट फीचर देने लगी हैं.
आजकल कई Android और iPhone में यह सुविधा पहले से मौजूद होती है. Android फोन में बैटरी सेटिंग्स के अंदर Protect Battery, Charging Limit या Optimized Charging जैसे ऑप्शन मिल सकते हैं. iPhone यूजर्स को Optimized Battery Charging ऑन करना चाहिए जिससे फोन आपकी आदतों के हिसाब से चार्जिंग को मैनेज करता है और लंबे समय तक 100% पर नहीं रहता.
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अगर आपके फोन में चार्ज लिमिट का ऑप्शन नहीं है तो अलार्म लगाकर 80–85% पर चार्ज निकाल लें. इसके अलावा ओरिजिनल चार्जर का इस्तेमाल करें और चार्जिंग के दौरान फोन का ज्यादा उपयोग न करें.