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कैसा है मोनालिसा का लुक?
टीजर की शुरुआत मोनालिसा से होती है। उनकी कजरारी आंखें, सादगी, डांस मूव्स और एक्सप्रेशंस तुरंत ध्यान खींच लेते हैं। टीजर से साफ झलकता है कि फिल्म की कहानी मणिपुर के पुराने इतिहास और वहां की राजनीति के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी गंभीर और दमदार लगती है, वहीं फिल्म में मौजूद बाकी कलाकार भी अपने किरदारों में मंझे हुए नजर आते हैं। बिना किसी लंबी एक्टिंग ट्रेनिंग के पहली ही फिल्म में मोनालिसा का काम काबिल-ए-तारीफ माना जा रहा है और दर्शक उनकी मासूम अदाकारी की सराहना कर रहे हैं।
कहां हुई फिल्म की शूटिंग?
‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ मोनालिसा के करियर की पहली फिल्म है। इससे पहले निर्देशक सनोज मिश्रा ने फिल्म और मोनालिसा के सफर को लेकर खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग चार अलग-अलग चरणों में पूरी की गई। शूटिंग की शुरुआत उत्तर प्रदेश के इटावा से हुई, इसके बाद मणिपुर में कई लोकेशनों पर काम किया गया। नेपाल में एक शेड्यूल पूरा करने के बाद देहरादून में फिल्म का बड़ा हिस्सा शूट किया गया। सनोज मिश्रा ने यह भी बताया कि उन्होंने मोनालिसा को पहली बार महाकुंभ मेले में देखा था, जब उनकी रील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। उन्होंने कहा, ‘जब मैंने मोनालिसा को मेले में देखा, तो मुझे बहुत बुरा लगा कि लोग सिर्फ रील और सेल्फी के लिए उन्हें परेशान कर रहे थे। वह मध्य प्रदेश के महेश्वर की रहने वाली हैं और एक बंजारा परिवार से आती हैं, जो बेहद सीधे-सादे लोग हैं। इसी वजह से मैंने उन्हें फिल्म में लीड रोल देने का फैसला किया।’
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मोनालिसा की फिल्म में नहीं होगी आवाज
फिल्म मिलने के बाद मोनालिसा को एक्टिंग के साथ-साथ पढ़ाई और ट्रेनिंग के लिए पहले इंदौर और फिर मुंबई भेजा गया। शुरुआत में उन्हें सिर्फ अपना नाम लिखना आता था। इस पर निर्देशक ने कहा, ‘यह एक चुनौती भरा काम था, लेकिन मोनालिसा बहुत मेहनती और समर्पित हैं। मैंने म्यूजिक वीडियो के अलावा दो साउथ फिल्मों की शूटिंग में भी उनकी मदद की है। अभी उन्हें उच्चारण की समस्या है, इसलिए फिल्म में डबिंग का सहारा लिया गया है। हालांकि उन्होंने एक्टिंग को अच्छी तरह से अपनाया है और उनकी मासूमियत ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।’