Rashifal 21 March 2026: शनिवार को इन राशियों को मिलेगा लाभ, जानें मेष से मीन तक का भविष्यफल
अचानक कहां से आ गया कोहरा?
आमतौर पर मार्च का यह समय सूखा होता है, लेकिन इस हफ्ते मौसम में अचानक बदलाव आया है. इलाके में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा में नमी काफी ज्यादा बढ़ गई है. पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश ने इस उमस को और बढ़ा दिया है, जिसका नतीजा यह बेमौसम धुंध है.
हवा की धीमी रफ्तार और नमी का खेल
इस धुंध के पीछे हवा और तापमान का एक खास कॉम्बिनेशन है. शनिवार सुबह का तापमान लगभग 15°C तक गिर गया था, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 28-30°C रहने की उम्मीद है. रात की ठंडक, हवा में 70% से ज्यादा नमी और 5-12 किमी/घंटे की धीमी रफ्तार से चलने वाली पूर्वी हवाओं के कारण यह नमी जमीन के करीब ही संघनित हो गई और इसने कोहरे और धुंध का रूप ले लिया.
थार की धूल और पार्टिकल्स का ‘कॉकटेल’
इस धुंध को गहरा करने में सिर्फ पानी का हाथ नहीं है. नमी बढ़ने के कारण हवा में मौजूद PM2.5 कणों ने पानी सोख लिया है, जिससे उनका आकार 60% तक बढ़ गया है. इसके अलावा, ऊपरी पश्चिमी हवाएं थार रेगिस्तान और बलूचिस्तान से धूल उड़ाकर ला रही हैं. यह धूल स्थानीय उत्सर्जन और नमी के साथ मिलकर इस धुंध को और घना बना रही है.
क्या यह प्रदूषित स्मॉग है?
अक्सर दिल्ली में धुंध देखते ही लोगों को प्रदूषण की चिंता सताने लगती है, लेकिन मौसम विभाग (IMD) ने स्पष्ट किया है कि यह खतरनाक स्मॉग नहीं है, बल्कि मौसम के कारण बनी धुंध है. आपको बता दें कि इस साल मार्च के दूसरे हफ्ते में भी बिल्कुल ऐसा ही नजारा देखने को मिला था, जब दोपहर तक आसमान में धुंध छाई रही थी.
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पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी
मार्च में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण उत्तर भारत के पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बादल और कोहरे का दुर्लभ पैटर्न देखने को मिल रहा है. इस अनूठे मौसम के चलते डे-टेंपरेचर सामान्य से 4-6 डिग्री नीचे बना हुआ है, जिससे गर्मी की दस्तक में देरी हो रही है.